आंध्र प्रदेशमें सम्पन्न परिवारके बच्चोंको विक्षिप्त बताकर, धन जुटाते पकडे गए पादरी
०६ अगस्त, २०२१
आंध्र प्रदेशमें विजयवाडाके थुक्कुलर गांवमें तीन ईसाई पादरियोंको पुलिसने बन्दी बनाया है । ये तीनों आरोपी इन गांवोंके क्षेत्रमें बच्चोंको फल इत्यादि वितरित करके, अपने साथ छायाचित्र खिंचवा रहे थे । इसके पश्चात वे इन चित्रोंको ‘फेसबुक’पर डालकर, उन्हें मानसिक रूपसे विक्षिप्त और अनाथ बताकर लोगोंसे धर्मदानकी उगाही करते रहते हैं । इसके लिए उन्होंने खाता क्रमाङ्क तथा ‘जीपे’का ‘आईडी’ भी दिया हुआ है । ‘फेसबुक’के माध्यमसे लोगोंको बताया जाता रहा है कि इन मानसिक विक्षिप्त और अनाथ बच्चोंकी देखभाल ‘मदर टेरेसा चिल्ड्रन सेवा ट्रस्ट’द्वारा की जाती है । इसके अतिरिक्त, अन्य पचास बच्चोंका संरक्षण भी इसी तथाकथित ‘एनजीओ’द्वारा किया जाता है, ऐसा बताया जाता रहा है । गांववासियोंने उन्हें पकडकर पुलिसको सौंप दिया और उनपर प्राथमिकी प्रविष्ट हो चुकी है । भागे हुए अन्य पादरी साथियोंको भी पुलिसद्वारा ढूंढा जा रहा है ।
बहुतसे धर्मद्रोही ईसाई संस्थाएं तथाकथित नाम रखकर, धर्मान्तरण करने तथा धन जुटाने और लूटनेका प्रयास कर रहे हैं । ये लोग समाज सेवी संस्थाएं बनाकर, ‘सोशल मीडिया’पर छद्म चित्र डालकर, गांववालोंको मूर्ख बनाते रहते हैं । लूटमार और धर्मान्तरण करनेवाले सङ्गठनोंके लोगोंको शासनद्वारा कठोर आर्थिक दण्ड एवं कारावासका दण्ड होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : डू पॉलिटिक्स
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