वामपन्थियोंने किया नीरज चोपडाका उपहास
०९ अगस्त,२०२१
भाला फेंक स्पर्धामें नीरज चोपडाने ‘टोक्यो ओलम्पिक’में देशको प्रथम स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है । इस पदकका विशेष महत्त्व है; क्योंकि नीरजने १०० से अधिक वर्षोंमें पहली बार ‘ट्रैक एंड फील्ड’में भारतको स्वर्ण पदक दिलाया है । किसी भारतीयने ‘एथलेटिक्स’में अन्तिम पदक १९२० में जीता था । टोक्यो ओलम्पिकमें चोपडाके भव्य प्रदर्शन और स्वर्ण पदक जीतनेका उत्सव पूरा देश मना रहा है । देशके विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर स्वर्ण पदक विजेताके गृह राज्य हरियाणामें उत्सवका वातावरण है । लोग उत्सवमें डूबे हुए हैं । ‘सोशल मीडिया’पर लोगोंने नीरज चोपडाको जीतकी बधाई दी और देशके लिए स्वर्ण पदक लानेके लिए आभार व्यक्त किया है ।
इसी मध्य स्वयंको वामपन्थी बतानेवाले बहुतसे लोग चोपडाको बधाई देने और उनकी जीतका उत्सव मनानेसे दूर भाग रहे हैं । इसका कारण चोपडाके पुराने ‘ट्वीट्स’ हैं, जिनमें प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीके कट्टर विरोधियोंने उन्हें प्रधानमन्त्री मोदीका समर्थन करते हुए देखा था । वे ‘ट्वीट्स वायरल’ हो गए हैं । पत्रकार रोहिणी सिंहको यह बुरा लगा कि नीरज चोपडा मोदीके समर्थक हैं । एक अन्य ‘ट्विटर यूजर’ने कहा कि भारतीय पुरुषों, विशेष रूपसे नीरज चोपडा जैसे संघी पुरुषोंका उत्सव मनाना लज्जाजनक है ।
इस प्रकारके वक्तव्य वामपन्थियोंके मानसिक विक्षिप्तताको दर्शाते हैं । पिछले दशकसे चुनावी राजनीति एवं बौद्धिक स्तर तिरस्कृत वामपन्थियोंका यह कुत्सित पक्ष है । यह एक खिलाडीका यह घोर अपमान है, जिसकी प्रत्येक भारतीयको निन्दा करनी चाहिए और इन वामपन्थियोंका सामाजिक बहिष्कार भी करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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