‘तालिबान’के सुहैल शाहीनने भारतमें कश्मीरके मुसलमानोंके लिए स्वर उठानेको कहा
२ सिंतबर, २०२१
अफगानिस्तानमें शासन स्थापित करनेके पश्चात तालिबान अब अन्य राष्ट्रोंके साथ मान्यता प्राप्त करनेके उद्देश्यसे मित्रताका बढा रहा है; इस मध्य ‘बीबीसी’के साथ वार्तालापमें तालिबानके दोहा कार्यालयके प्रवक्ता सुहैल शाहीनने कश्मीरके मुसलमानोंके लिए स्वर उठानेके अधिकारके विषयमें अनर्गल वक्तव्य दिया है । उन्होंने अमेरिकाके साथ दोहा सन्धिमें कहा कि ‘तालिबान’का किसी भी देशके विरुद्ध सशस्त्र अभियान चलाना उसकी रणनीतिका भाग नहीं है ।
इससे पूर्व ‘तालिबान’ कई अवसरोंपर कह चुका है कि वह भारत और पकिस्तानके विवादके मध्य किसी भी प्रकारका हस्तक्षेप नहीं करेगा, कश्मीर भी उसकी रणनीतिका भाग नहीं है और न ही वह कश्मीरमें किसी भी प्रकारसे हस्तक्षेप करेगा ।
धर्मके अभावमें वैश्विक राजनीतिमें उन्मादियोंको अन्तर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करना उतना ही घातक सिद्ध होता दिख रहा है, जिस प्रकार अयोग्य व्यक्तिके हाथोंमें शस्त्र हो । भारत शासनको और हिन्दुओंको भी इस विषयमें सतर्क अवश्य ही रहना चाहिए; क्योंकि अनेक आतङ्की समर्थक आज भी भारतमें रहते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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