भारतके ग्रैंड मुफ्ती’की संस्थाको १४६ करोडका विदेशी ‘चंदा’, गृहमन्त्रालयने निरस्त किया केरलके ‘एनजीओ’का ‘लाइसेंस’
५ सिंतबर, २०२१
केन्द्रीय गृह मन्त्रालयने विदेशी अनुदान नियमन अधिनियम (FCRA), २०१० के प्रावधानोंके उल्लङ्घनपर प्रमुख सुन्नी नेता शेख अबूबकर अहमदसे जुडे केरलके एक ‘गैर सरकारी संगठन’के (NGO) ‘विदेशी फंडिंग लाइसेंस’को निरस्त कर दिया है ।
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’में प्रकाशित ‘रिपोर्ट’में यह जानकारी दी गई है । मरकजुल इघासथिल कैरियाथिल हिंडिया नामक ‘एनजीओ’ कोझीकोडके पास स्थित है । यह एक उच्च विदेशी वित्तपोषित सङ्गठन है । इस सङ्गठनको पिछले तीन वर्षोंमें विदेशोंसे १४६ करोड रुपएसे अधिकका धन मिला है । यद्यपि, गृह मन्त्रालयने ‘एनजीओ’को ‘एफसीआरए’ मानदण्डोंका उल्लङ्घन करते हुए पाया, जिसके पश्चात इसे पूर्व अनुमतिके बिना या निलम्बन आदेशके निरस्त होनेतक किसी भी अन्तरराष्ट्रीय अर्पणदातासे धन प्राप्त करनेसे रोक दिया ।
केन्द्र शासनको उन सभी सङ्गठनोंकी गहन जांच करनी होगी, जिन्हें मुसलमान राष्ट्रों या छद्म रूपसे जिहादी सङ्गठनोंसे सहायता मिल रही है और जो सङ्गठन उन क्षेत्रोंमे सक्रिय है, जहां धर्मान्तरण हो रहा है और केवल मुसलमान बहुसङ्ख्यक हो रहा है । यह चिन्ताजनक प्रकरण हो चला है, जिसपर भी भारत शासनको एक साथ तीव्र गतिसे कार्य करना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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