टोंकमें भूमि जिहादके कारण पलायनको विवश हिन्दू परिवार, राजस्थान विधानसभामें गूंज 


१८ सितम्बर, २०२१
      राजस्थान विधानसभामें ‘भाजपा’ विधायकोंने १७ सितम्बर २०२१ को भूमि-जिहादके विषयको उठाते हुए बताया कि टोंक जनपदका मालपुरा एक अतिशय संवेदनशील कस्बा है । यहां १९५० से अबतक, साम्प्रदायिक उपद्रवोंमें १०० से अधिक लोगोंकी हत्या हुई है ।
     अब इस क्षेत्रमें मुसलमान भूमि-जिहाद कर रहे हैं । वे असाधारण मूल्यमें हिन्दुओंसे भूमि क्रय कर रहे हैं, जिससे इनकी सङ्ख्यामें वृद्धि हो रही है । ये लोग हिन्दू परिवारोंको प्रताडित करते हैं । हिन्दुओंकी बहन-बेटियोंको अश्लील सङ्केत करके, उन्हें छेडते हैं । मालपुरामें अबतक, ६०० से अधिक हिन्दू तथा जैन परिवार पलायन कर चुके हैं । गत दिनों हिन्दुओंने उपखण्ड अधिकारीको ज्ञापन देकर वस्तु स्थितिसे अवगत भी कराया । हिन्दुओंने घरोंपर पलायनके सूचनापट्ट लिखकर प्रदर्शित किए हैं ।
     अलवरके ‘भाजपा’ सांसद बाबा बालकनाथने बताया कि भिवाडी, बहरोड, नीमराना और बानसूरमें मुसलमानोंके अत्याचारोंसे प्रताडित हिन्दू पलायनको विवश हैं । हिन्दू उद्योगपति अपने उद्योग बन्द करनेतक विवश हैं । बाबा बालकनाथने आरोप लगाया कि इन म्लेच्छोंको कांग्रेसका संरक्षण प्राप्त है, जिससे हिन्दू तथा जैन पलायनको विवश हैं । उन्होंने मुख्यमन्त्रीसे त्यागपत्र देनेको भी कहा ।
       यह दुःखद सत्य है कि देशके अनेक भागोंमें जहां-जहां मुसलमानोंकी जनसङ्ख्या हिन्दुओंसे अधिक है, वहां हिन्दू पलायनको विवश हैं । पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, असम, आंध्र, केरल व राजस्थानसे ऐसी घटनाएं ज्ञात हुई हैं । राजस्थानका गहलोत शासन, इस ओर ध्यान नहीं दे रहा । केन्द्रको ऐसी घटनाओंपर संज्ञान लेकर हिन्दुओंको सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए । भारत देशमें हिन्दुओंकी यह स्थिति अत्यन्त दुःखद है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution