उरी आक्रमणकी पुनरावृत्तिका कुप्रयास, ३ आतङ्की मृत, ५ ‘एके’ ४७, ८ पिस्तौल, ७० हथ गोले जप्त
२४ सितम्बर, २०२१
‘चिनार कोर कमाण्डर’ डी पी पाण्डेने बताया कि गुरुवार प्रातः रामपुरके हाथलङ्गा वनमें ३ आतङ्की सेनाद्वारा मारे गए । उनके पाससे ५ ‘एके’ ४७, ८ पिस्तौल तथा ७० हथगोले अधिग्रहित किए गए । इनके द्वारा १८ सितम्बर २०२१ को भी घुसपैठका प्रयास किया गया था ।
उल्लेखनीय है कि १८ सितम्बर २०१६ को जैश-ए-मोहम्मदके आतङ्कियों द्वारा उडी ‘सेक्टर’में आत्मघाती आक्रमण किया गया था । अब १९ सितम्बर २०२१ को स्वचलित शस्त्रोंसे युक्त आतङ्कियोंने पुनः घुसपैठका प्रयास किया तथा वे वनमें वर्षाके कारण भागनेमें सफल रहे । सेनाने ३ आतङ्की मारे जानेका समाचार दिया है ।
इस वर्ष फरवरीमें पाकिस्तानी सेनाद्वारा संघर्ष विराम समझौतेके उपरान्त घुसपैठका उनका यह द्वितीय कुप्रयास है ।
हमारी सेना सतर्क है, इसलिए पाकिस्तानके घुसपैठके कुप्रयास असफल होते रहते हैं । हमारे सैनिक भारतकी रक्षामें दिन-रात कटिबद्ध हैं । पाकिस्तान अपने देशमें आतङ्की निर्माण करता उन्हें पोषित करता है; अतः पाकिस्तानका विनाश ही स्थायी समाधान है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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