धर्मान्तरण हेतु दबाव, धमकी एवं धनका प्रलोभन, भारतीय प्रशासनिक अधिकारी इफ्तिखारुद्दीनका चलचित्र हुआ सार्वजनिक
२९ सितम्बर, २०२१
धर्मान्तरणको बढावा देनेवाले चलचित्रके सार्वजनिक (वायरल) होनेके पश्चात भारतीय प्रशासनिक अधिकारी इफ्तिखारुद्दीनके विषयमें लोग सामने आकर बता रहे हैं कि कानपुरके पूर्व आयुक्त (कमिश्नर) रह चुके इफ्तिखारुद्दीन उनसे धर्मान्तरण करनेका प्रलोभन देते थे । कल्याणपुर स्थित राजकीय उन्नयन बस्तीके पूर्व अध्यक्ष निर्मल कुमार त्यागीने यह आरोप लगाया है की इफ्तिखारुद्दीनने बस्तीको उजाडनेकी धमकी देकर, सैकडों परिवारोंके धर्मान्तरणका प्रयत्न किया था । वहां लगभग ६०० परिवार हैं और जनसंख्या लगभग ५ सहस्र है । जब बस्तीवालोंने अनुरोध किया तो पूर्व आयुक्तने उन सभीको धनके बलपर धर्मान्तरित होनेका प्रलोभन दिया । उसी मध्य उनके साथ उपस्थित एक व्यक्तिने सबको इस्लामसे जुडनेका साहित्य वितरित किया ।
इसके पश्चात स्थानीय लोगोंने निश्चित किया कि वे अपना धर्म-परिवर्तन नहीं करेंगे और परिवाद लेकर न्यायालय पहुंचे, जिसके पश्चात उनके ऊपरसे बस्ती रिक्त किए जानेका भय समाप्त हुआ; किन्तु क्रम यहीं नहीं थमा, चौबेपुरका एक मोइनुद्दीन स्थानीय लोगोंके सम्पर्कमें आकर उनसे धर्मान्तरणकी बात करता रहा ।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश स्थित कानपुरके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इफ्तिखारुद्दीनके ३ चलचित्र सार्वजनिक हुए हैं, जिसमें वह कथित रूपसे मुसलमान कट्टरपन्थियोंको बुलाकर, धर्म-परिवर्तनको बढावा देनेवाले पाठ पढा रहा है । उनपर अपने पदका दुरुपयोग करते हुए ‘इस्लामी’ कट्टरताको बढावा देनेके आरोप लगे हैं । चलचित्रमें एक अन्य ‘मौलाना’ विश्वके प्रत्येक मनुष्यपर इस्लाम थोपनेका वक्तव्य दे रहा है ।
जिहादी ‘गजवा ए हिन्द’का तमोगुणी साम्राज्य स्थापित कर सर्वत्र शमशानी शान्ति करनेको उद्यत हैं, जिससे विश्व सहस्रों वर्ष पिछड जाएगा । भारतवर्षमें हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए सभीको विशेषतः हिन्दुओंको अधिक कृतिशील होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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