अयोध्यामें ‘मिशनरी’ सक्रिय, ईसाई धर्म-परिवर्तनकी आशङ्कामें ६० लोग बन्दी
२ अक्टूबर, २०२१
उत्तरप्रदेशके अनेक जनपदोंमें अवैध अथवा बलपूर्वक धर्म-परिवर्तनकी अनेक घटनाएं ज्ञात हुई हैं । कुछ दिनों पूर्व उत्तरप्रदेशके ‘एटीएस’ने अवैध धर्म-परिवर्तन करनेके आरोपमें एक गुटके प्रमुख उमर गौतम नामक व्यक्तिको बन्दी बनाया था । इस आरोपमें पूछताछ होनेपर अनेक शासकीय कर्मचारी भी इस कृत्यमें लिप्त पाए गए थे ।
ऐसी ही घटना अयोध्या में हुई है । बीकापुर नगर पंचायतके निकट प्रयागराज ‘हाईवे’के समीप स्थित चांदपुर गांवमें ‘पुलिस’ने छापेमारी करके, लगभग ६० लोगोंको बन्दी बनाया है, जिसमें महिलाओंकी सङ्ख्या अधिक है । ये सभी अनुसूचित जाति से हैं । इनके पाससे ईसाई पन्थकी पुस्तकें एवं सहित्य प्राप्त हुआ है । ‘पुलिस’ने देखा कि ये लोग ईसाई धर्म अनुसार पूजा-पाठ करवाते हुए, धर्म-परिवर्तनके अवैध प्रयास कर रहे थे । पातुपुर गांवकी महिला केशा देवीको भी बन्दी बनाया गया है । वह उक्त घरकी स्वामिनी है, जहां धर्मान्तरण किया जा रहा था । इससे पूर्व भी भारतमें ‘मिशनरियों’द्वारा धर्मान्तरणकी घटनाएं दृष्टिगत हुई हैं ।
ईसाई ‘मिशनरी’ सर्वत्र धर्मप्रसारमें लिप्त रहते हैं । इससे कुछ दिन पूर्व ही इंदौरके एक ‘चर्च’में जाकर ‘पुलिस’ने अवैध धर्मान्तरणके विरुद्ध कार्यवाही की थी । मुम्बईमें भी प्रलोभन देकर धर्मान्तरणके प्रयासोंका रहस्योद्घाटन हुआ था । ये लोग देशमें सर्वत्र लोगोंको प्रलोभन देकर, चमत्कार दिखाकर अथवा बलपूर्वक धर्मान्तरणमें लिप्त हैं । हिन्दुओंको सक्रिय होकर अपने धर्मके प्रसार, सनातनके ज्ञानके प्रसारमें जुटना होगा । मात्र इनका विरोध करनेसे यह दुष्कार्य नहीं थमेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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