तृणमूल कांग्रेसने पुनः किया मां दुर्गाका निरादर, फलकमें (पोस्टरमें) ममताको बताया ‘मोदी-शाहसुरमर्दिनी’


१० अक्टूबर, २०२१
      नवरात्रके आरम्भ होनेके पश्चात ही मां दुर्गाके नामपर राजनीति भी प्रारम्भ हो गई है । अब इसी क्रममें तृणमूल कांग्रेसके कार्यकर्ताओंने मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीके निवास स्थानके समीप एक फलक लगाया है, जिसमें मुख्यमन्त्री ममता  बनर्जीका हाथ जोडकर एक छायाचित्र है व इसमें उन्हें ‘मोदी-शाहसुरमर्दिनी’ कहकर सम्बोधित किया है । फलकमें जो शीर्षक है उसका अर्थ है ‘महिषासुरमर्दिनी’ अर्थात मां दुर्गा जिन्होंने राक्षस महिषासुरका वध किया था; परन्तु इस फलकके माध्यमसे ममता बनर्जीके समर्थक कहना चाहते हैं कि जैसे मां दुर्गाने महिषासुरका वध  किया था वैसे ही उनकी राजनीतिक दलकी प्रमुख ममता बनर्जी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमन्त्री अमित शाहकी हत्या करेंगी । वहीं तृणमूल कांग्रेसने इस फलकको अति-उत्साही समर्थकोंद्वारा लगाया गया बताया है; परन्तु ध्यानसे देखनेपर ज्ञात होता है कि फलकके नीचे ‘वार्डनम्बर’-८३, तृणमूल महिला ‘कांग्रेस’ लिखा हुआ है, जिससे स्पष्ट है कि यह ‘टीएमसी’की महिला       शाखाद्वारा लगाया गया है । इस कृत्यके पश्चात भारतीय जनता दलने आलोचना करते हुए, यह ‘हार्डिंग’ तृणमूल कांग्रेसके दुस्साहस एवं कुसंस्कृतिको दृष्टिगत होता बताया है । उल्लेखनीय है कि मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीकी २ सितम्बरको एक मूर्ति      प्रदर्शितकी गई थी, जिसमें उनकी देवी दुर्गाके रूप समान १० भुजाएं थी एवं इस मूर्तिको कोलकाताके दुर्गा पूजा मण्डलमें रखनेकी बात भी कही गई थी ।
      इस प्रकारके कृत्य स्पष्ट करते हैं कि हिन्दुओंमें धर्माभिमानका कितना अभाव है ! धर्म विडम्बना रोकने हेतु हिन्दुओंको अब जाग्रत हो जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution