गुरुग्राममें सार्वजनिक स्थलपर नमाजके विरोधमें महिलाओंका भजन-कीर्तन
९ अक्टूबर, २०२१
सार्वजनिक स्थलोंपर ‘नमाज’ किए जानेपर गत कुछ दिवसोंसे गुरुग्राममें विरोध हो रहा है । ९ अक्टूबर, शनिवारको गुरुग्राम ‘सेक्टर’-४७ की हिन्दू महिलाएं भी विरोध प्रदर्शनमें सहभागी हुईं । उन्होंने सार्वजनिक स्थलपर ‘नमाज’का विरोध करते हुए भजन-कीर्तन और आरती की । इसके साथ ही वहां एकत्रित हुए मुसलमानोंने भी ‘पुलिस’की कडी सुरक्षाके मध्य ‘नमाज’ भी ‘अदा’ की । वहां ‘नमाज अदा’ करनेके लिए किसी प्राधिकरणसे अनुमति नहीं थी और स्थानीय लोग इसीका विरोध कर रहे थे ।
उल्लेखनीय है कि विगत माह क्षेत्रमें सार्वजनिक रूपसे हो रहे नमाजके विरुद्ध विरोध प्रदर्शन हुआ था । स्थानीय निवासियोंने अपने स्थानके आसपास मुसलमान पुरुषोंकी भीडका विरोध किया और उनपर विधान-व्यवस्था तोडनेका आरोप लगाया । इसके पश्चात, गुरुग्राम ‘पुलिस’ने प्रतिवाद किया था कि हिन्दुओं और मुसलमानोंके मध्य परस्पर चर्चाके पश्चात मुसलमानोंको सार्वजनिक स्थानोंपर ‘नमाज ‘अदा करनेकी अनुमति दी गई थी । इसके पश्चात एक ‘आरटीआई’ प्रविष्ट की गई । जिसमें ऐसे ‘नमाज’स्थलों और समुदायोंके प्रतिनिधियोंका विवरण मांगा गया, जो परस्पर ‘समझौतों’में सम्मिलित थे । जनसूचना अधिकारीको पत्र लिखकर अतिक्रमणकारियोंके विरुद्ध की गई कार्रवाईकी भी जानकारी मांगी गई । इसके पश्चात गुरुग्राम ‘पुलिस’ने उस ‘ट्वीट’को हटा दिया, जिसमें उन्होंने प्रतिवाद किया था कि सार्वजनिक स्थानोंपर ‘नमाज’की अनुमति हिन्दुओं और मुसलमानों दोनोंके परस्पर ‘समझौते’के पश्चात दी गई थी ।
इसी प्रकार हिन्दुओंको अपने अधिकारोंके लिए संघर्ष करना होगा, अन्यथा हिन्दू विरोधियोंद्वारा भारतको भी इस्लामी राज्य बना दिया जाएगा । गुरुग्रामकी महिलाओंका कार्य अभिनन्दन योग्य है । यद्यपि भजन-कीर्तन भक्ति और साधनाका माध्यम है, विरोध प्रदर्शनका नहीं, सभी हिन्दू इस तथ्यका ध्यान रखें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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