बांग्लादेश नहीं यह ‘जिहादिस्तान’, हिन्दुओंके दो गांव जले तो बांसुरी बजाती शेख हसीना, तस्लीमा नसरीनका आक्षेप


१९ अक्टूबर, २०२१
 
      बांग्लादेशी मूलकी लेखिका तस्लीमा नसरीनने बांग्लादेशमें हिन्दुओंपर हो रहे आक्रमणोंके लिए शेख हसीना वाजेदपर क्रोध व्यक्त किया है । वह मुसलमानोंके तुष्टीकरण करते शेख हसीनाके शासनका निरन्तर विरोध कर रही है । उन्होंने कहा कि वहां सहस्रों हिन्दुओंके घर कट्टरपन्थीयोंने जला दिए हैं ।  ऐसे समय प्रधानमन्त्री शेख हसीना वाजेद अपने भाईका जन्मदिन मना रही हैं ।
      तस्लीमा नसरीनने अपने ‘ट्वीट’में लिखा कि बांग्लादेशके दो गांवों, पीरगंज और रंगपुरको कट्टरपन्थीयोंने जला दिया   और शेख हसीना बांसुरी बजा रही है । उन्होंने बांग्लादेशका नामकरण ‘जिहादिस्तान’ किया । वहां हिन्दुओंके पूजा पण्डालों, मन्दिरों, मूर्तियों, घरों आपणियोंको (दुकानोंको) क्षत-विक्षत किया गया । तस्लीमा नसरीनने वहांके प्रधानमन्त्रीको जिहादियोंकी मां तथा ‘जिहादिस्तान’की रानी बताया । उन्होंने लिखा कि ये ‘पैगम्बर’ मोहम्मद जैसाही कार्य कर रहे हैं,   जिन्होंने काबामें पेगन समुदायकी ३६० मूर्तियोंको खण्डित कर दिया था ।
      गत दिनों ‘कुरान’के अपमानका आरोप लगाकर कट्टरपन्थियोंने हिन्दुओंपर आक्रमण कर उनके पूजा पण्डालोंमें आग लगा दी थी । हिन्दुओंके मन्दिरों, घरों आदिको क्षत विक्षत किया था ।
      शेख हसीनाने इन आक्रमणोंकी निन्दा करते हुए उचित कार्यवाहीका आश्वासन दिया है; परन्तु कथनी व करनीमें अन्तर होता है । वे कठोरतासे कार्यवाही कर रही होतीं, तो कट्टरपन्थी कुछ तो भयभीत होते । वे तो भयमुक्त होकर निरन्तर हिन्दुओंपर आक्रमण कर रहे हैं । वहां हिन्दुओंका जीवन दुश्वार है । हिन्दुओंको कार्यवाही हेतु, भारत शासनपर दबाव बनाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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