मृतक अल्ताफपर अवयस्क हिन्दू लडकीके अपहरणका अभियोग प्रविष्ट, चलभाषमें मिले थे अश्लील दृश्यपट, ‘पुलिस’ कार्रवाईसे सन्तुष्ट परिजन अब परिवर्तित कर रहे वक्तव्य


११ नवम्बर, २०२१
      उत्तर प्रदेशके कासगंज जनपदमें ‘पुलिस’ अभिरक्षामें एक युवककी कथित मृत्युपर राजनीतिक उपद्रव हो गया है । मृतकका नाम अल्ताफ है, जिसकी आयु लगभग २१ वर्ष थी । अल्ताफको ‘पुलिस’ने एक अवयस्क लडकीके अपहरणके अभियोगकी जांचके लिए ‘थाने’में बुलाया था । यह घटना ९ नवम्बर २०२१ (मंगलवार) की है । अल्ताफपर एक अवयस्क हिन्दू लडकीका अपहरण करनेका आरोप है । वहीं, अपहृत लडकीका अभीतक पता नहीं चला है ।
      उधर, इस घटनाको लेकर कासगंजके ‘पुलिस’ अधीक्षकने वक्तव्य प्रकाशित करते हुए बताया है कि यह घटना कैसे घटित हुई ? उन्होंने बताया कि अल्ताफने कारावासके शौचालयमें गया था और वहां नलकी टोंटीसे अपनी ‘जैकेट’में लगे नाडेसे आत्महत्याका प्रयास किया । ‘पुलिस’ने अल्ताफको चिकित्सालय पहुंचाया, जहा उसकी मृत्यु हो गई ।
       बताया जा रहा है कि अल्ताफकी मृत्युके पश्चात एक पत्र मिला है, इस पत्रमें लिखा गया है कि अल्ताफने अवसादमें (डिप्रेशनमें) आकर आत्महत्या की है । वहीं, इस पत्रमें मृतकके कथित पिताने प्रतिवाद (दावा) किया है कि उन्हें ‘पुलिस’से कोई परिवाद (शिकायत) नहीं है और इस घटनामें वह कोई कार्यवाही नहीं चाहते !
       वास्तवमें, अल्ताफने अपने मित्रके साथ मिलकर १६ वर्षकी एक अवयस्क लडकीको ‘बहला-फुसलाकर’ देहली भेज दिया था । आरोपमें यह भी कहा गया है कि लडकी अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी साथ ले गई । बताया जा रहा है कि अल्ताफ घरोंमें ‘रंगाई-पुताई’ और ‘टाइल्स’ लगानेका कार्य करता था । जिस घरकी लडकी लुप्त हुई थी, वहां भी वह ‘टाइल्स’ लगानेका कार्य कर रहा था । प्रतिवेदनके अनुसार, अल्ताफके चलभाषमें कुछ अश्लील दृश्यपट भी मिले थे । इन्हीं दृश्यपटोंके आधारपर उसपर शंका दृढ हुई थी ।
       जिहादियोंको ऐसे ही साधारण कार्य सिखाए जाते है, जिससे वे प्रत्येक घरकी आवश्यकता बन जाए । ऐसे में उनके लिए जिहाद करना सरल हो जाता है और वे इसका लाभ, हिन्दू धर्मके विरुद्ध, जिहाद और धर्मान्तरण कर उठाते है । हिन्दुओं हमें यह समझना चाहिए कि जिहादीका एकमात्र कार्य है, अपने पन्थके संख्याबलमें वृद्धि करना, जो धर्मान्तरण करके ही सम्भव हो पता है; अतः ऐसे साधारण लोगोंसे भी सतर्क रहें और हिन्दू धर्मके प्रति समर्पित लोगोंको ही प्राथमिकता दें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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