‘मदरसेमें जन्म लेते हैं आतङ्की, अवसर मिला तो प्रतिबन्धित करूंगा’, उत्तरप्रदेशके मन्त्री रघुराजसिंहका वक्तव्य, राज्यमें २५० से २२००० हुए ‘मदरसे’
२६ नवम्बर, २०२१
उत्तरप्रदेशके राज्यमन्त्री ठाकुर रघुराजसिंहने बढते ‘मदरसों’ व वहांकी शिक्षण पद्वतिसे नित्य नूतन निर्माण होते आतङ्कियोंपर चिन्ता व्यक्त की है । उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेशमें मात्र २५० ‘मदरसे’ थे, जो अब २२००० हो गए । उन्होंने केन्द्र शासनसे समूचे देशके सभी ‘मदरसों’को प्रतिबन्धित करनेका आग्रह करते हुए कहा कि आतङ्की यहीं जन्म लेते हैं । सांपका फन कुचलना ही चाहिए । उन्होंने कहा कि ‘मदरसे’ आतङ्कियोंकी ‘भर्ती’ करते, कट्टरपन्थमें वृद्धि करते हैं ।
उन्होंने कहा कि अलीगढ ‘मुस्लिम’ विश्वविद्यालयसे विद्यार्जन किया हुआ बुरहान वानी, किसी कश्मीरी ‘मदरसे’में जाकर प्रशिक्षित होकर आतङ्की बना ।
उन्होंने केरलमें हो रही आतङ्की गतिविधियों, ‘लव-जिहादकी’ नित्य नूतन घटनाओंपर चिन्ता व्यक्त की । उन्होंने कहा कि हिन्दू महिलाओंकी मानसिकता परिवर्तितकर, उन्हें ‘आईएसआईएस’में ‘भर्ती’ करवाया जाता है । केरलमें ऐसी ९२ घटनाएं ज्ञात हुई हैं । गत वर्ष ‘अलकायदा’की विचारधारा फैलाते ‘मदरसा’ शिक्षक अब्दुल मोमीन मण्डलको बन्दी बनाया गया है, जिससे जिहादी साहित्य, शस्त्र व विस्फोटक प्राप्त हुए थे । इसे बन्दी बनानेके उपरान्त, ‘एनआईए’ने बताया था कि इस प्रकारका यह ११वां आतङ्की बन्दी बनाया गया है ।
पश्चिम बंगालके मुर्शिदाबाद, मालदा, नादिया व असमके मुसलमान बहुल क्षेत्रोंके ‘मदरसों’में कट्टरपन्थी आतङ्की बनाए जाते हैं । उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकार मिले तो वे देशके सभी ‘मदरसे’ बन्द करवा देंगे ।
ठाकुर रघुराज सिंहने सत्य कहा है । प्रदेश ही नहीं, सम्पूर्ण देशमें बढती ‘मदरसों’की सङ्ख्या चिन्तास्पद है । असमके मुख्यमन्त्रीने साहस दिखाते हुए सारे शासकीय ‘मदरसे’ बन्द करवा दिए हैं । अन्य राज्य शासनोंको भी ऐसा पग देशकी सुरक्षार्थ उठाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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