‘पीडित मां कह रही मेरी १५ वर्षकी बेटीको ले गया अफरोज; किन्तु देहली ‘पुलिस’ने नहीं सुनी विनती’, प्राथमिकीमें आरोपित अज्ञात
३ दिसम्बर, २०२१
देहलीके जहांगीरपुरी ‘थाना’ क्षेत्रकी एक महिलाका दृश्यपट सार्वजनिक हो रहा है, जिसमें वह कह रही है कि उसकी १५ वर्षकी अवयस्क बेटीको अफरोज नामका व्यक्ति भगा ले गया है । महिला दृश्यपटमें ४ दिनसे लुप्त अपनी अवयस्क बेटीको खोजनेकी विनती कर रही है । पीडिताने आरोप लगाया कि देहली ‘पुलिस’ इस घटनामें सहयोग नहीं कर रही है । परिवादके आधारपर देहली ‘पुलिस’ने २ दिसम्बरको (गुरुवारको) संज्ञान लिया है ।
सार्वजनिक दृश्यपटमें पीडिताकी मां कह रही है, “जो लडका मेरी बेटीको ले गया है, वह मुसलमान है । उन सभीकी पहुंच बहुत दूरतक है । हमें उनसे बहुत भय लग रहा है । वे हमारे साथ कुछ अनुचित भी कर सकते हैं । मेरी एक छोटी बेटी भी है और एक बेटा भी ।”
देहली ‘पुलिस’पर असावधानीका आरोप लगाते हुए महिला आगे कहती है, “जहांगीरपुरी ‘थाने’में मैं गई थी, वहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है । वे लोग कुछ भी कार्रवाही नहीं कर रहे हैं । पुलिस कहती है, “जाओ तुम हम कर देंगे, जाओ तुम हम कर देंगे ।”
मीडियाके दबावके बाद ‘SHO’ने बताया, “पुलिसपर कार्रवही न करनेके आरोप गलत हैं । आरोपित और पीडिता दोनों पडोसी हैं । ये एक-दूसरेको लगभग ४ वर्षसे जानते हैं । ‘पुलिस’ने ३६३ ‘IPC’ के अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट कर लिया है । लडकीकी खोजमें ‘पुलिस’के समूहोंको लगा दिया गया हैं ।
एक जिहादी म्लेच्छके लिए किसी सम्बन्ध अथवा मित्रताका कोई महत्त्व नहीं है । जब वे अपने रक्तसम्बन्धमें भी ‘निकाह’ कर लेते हैं तो अपने पडोसीके प्रति भी वही भाव रखेंगे । यह बात हिन्दुओंको शीघ्र समझनी होगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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