गुरुग्राममें भी गूंजे कालीचरण महाराजकी बन्धन मुक्तिके स्वर, ‘इण्डियन-एक्सप्रेस’ने इसे बताया ‘नमाज’ विरोधी टोली


०३ जनवरी, २०२१
         ‘इण्डियन-एक्सप्रेस’ने अपनी नवीन विवरणीमें हिन्दुत्व विरोधी प्रचार किया है, जहां उसने ‘नमाज’ विरोधी ‘ब्रिगेड’ (टोली) शब्द अङ्कित किया है और इसे गुरुग्राममें हिन्दू सन्त कालीचरण महाराजको बन्दी बनानेके विरुद्ध चल रहे शान्तिपूर्ण विरोधसे जोड दिया है । विवरणीमें कहा गया है कि विरोध प्रदर्शनका नेतृत्व गुरुग्राम अधिवक्ता-परिषदके पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण भरवाने किया था, जो सार्वजनिक स्थलोंपर ‘खुले’में ‘नमाज’का विरोध कर रहे हैं । भरवाने कहा, “हम कालीचरण महाराजद्वारा गांधीके विरुद्ध की गई विवेचनाका प्रबलतासे समर्थन करते हैं और जिस प्रकारसे छत्तीसगढ शासनने उन्हें बन्दी बनाया, हम उसकी निन्दा करते हैं । जब धर्मके आधारपर राष्ट्रका विभाजन हुआ तो गांधीने इसका विरोध क्यों नहीं किया ? राष्ट्रके विभाजनको स्वीकार करनेमें उनकी भूमिकाके लिए यह राष्ट्र गांधीको कभी क्षमा नहीं करेगा ।”
         ‘मीडिया’, विशेष रूपसे ‘इण्डियन एक्सप्रेस’, हिन्दुत्वके विरुद्ध प्रत्येक अवसरको प्रस्तुत कर रहा है; यद्यपि, गुरुग्रामके हिन्दू सार्वजनिक स्थलोंपर ‘नमाज’का विरोध कर रहे थे; परन्तु ‘मीडिया’ इसे ‘नमाज विरोधी’ विरोधके रूपमें प्रदर्शित कर रहा है, जिसमें यह कहा गया है कि विरोध करनेवाले हिन्दू स्वयं ‘नमाज’के विरुद्ध थे ।
      ‘इण्डियन-एक्सप्रेस’के लेखोंसे यह सिद्ध होता है कि वह गत कितने ही वर्षोंसे हिन्दुत्वके विरुद्ध अपने लेखोंसे समाजमें प्रचार करता रहा है ? उसे कभी भी असदुद्दीन ओवैसीकी ‘पुलिस’को खुली धमकी देनेवाले भाषणके सम्बन्धमें हिन्दू विरोधी टोली नहीं दिखाई दी । इन छद्म धर्मनिरपेक्षतावादी ‘मिडिया’ सङ्गठनों एवं पत्रकारोंद्वारा मात्र हिन्दू हितोंके लिए बोलनेवालोंको अपमानित करनेके लेख छपते हैं । हिन्दुओं, ऐसे ‘मिडिया सङ्गठनों’का बहिष्कार कर इन्हें उचित शिक्षा दें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution