‘मुसलमानों’ने विधान हाथमें ले लिया तो हिन्दुओंको भागनेका स्थान नहीं मिलेगा’, बरेलीमें तौकीर रजाने उगला विष कहा, “हम जन्मजात रणप्रिय (लडाकू)”


०८ जनवरी, २०२२
         उत्तरप्रदेशके बरेलीमें ‘पन्थ संसद’ आयोजितकर मुसलमान पन्थगुरु और भरतीय मुसलमान परिषदके (आईएमसीके) प्रमुख ‘मौलाना’ तौकीर रजाने हिन्दुओंको गीदड भभकी दी है। बरेली स्थित ‘इस्लामिया’ क्षेत्रमें यह संसद बुलाई गई थी, जिसमें लगभग २० सहस्र (हजार) मुसलमान पहुंचे थे । यहांपर ‘कोरोना’ नियमोंको भी भङ्ग किया गया तथा किसीने न तो सामाजिक दूरी रखी और न ही किसीके मुखपर वस्त्रका आवरण (मास्क) दिखा ।
         रजाने कहा, “जिस दिवस मुसलमान विधान हाथमें ले लेंगे, उस दिवस हिन्दुओंको सम्पूर्ण राष्ट्रमें कहीं शरण नहीं मिलेगी । जिस दिवस मेरा युवक मेरे नियन्त्रणसे बाहर आ गया उस दिन ! युद्ध करनेमें तुम्हें (हिन्दुओंमें) बहुत रुचि है; परन्तु तुम युद्ध करनेकी बात कर सकते हो, युद्ध कर नहीं सकते । युद्ध करना तो हमारे रक्तमें है, हम जन्मजात रणप्रिय हैं । हम तुमसे युद्ध नहीं करना चाहते; क्योंकि तुम हमारे ‘हिन्दुस्थानी’ भाई हो । यदि युद्ध करना है तो चलो चीन सीमापर । देखते हैं तुम्हारी वीरता । मेरे युवकोंको कुछ प्रशिक्षण और कुछ शस्त्र दे दो, हम कैलाश मानसरोवर चीनसे ले लेंगे और पाकिस्तानको ‘हिन्दुस्थान’में सम्मिलित कर लेंगे ।”
       ‘लश्कर’ एवं ‘हिज्बुल’ जैसे आतङ्की संगठनोंसे प्रशिक्षण और शस्त्र  प्राप्तकर मुसलमान क्या करते है ? इसका प्रमाण देनेकी आवश्यकता नहीं है । जब हिन्दू एक होने लगते हैं, तब मुसलमानोंको भयसे हिन्दू, ‘हिन्दुस्थानी’ भाई लगते है, अन्यथा ‘काफिर’ ! सन्तोंके  वक्तव्योंपर कार्यवाही करनेवाली ‘पुलिस’ अब ‘मौलाना’के वक्तव्योंपर भी कार्यवाही करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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