धर्मान्ध राहीलने अवयस्क हिन्दू बालिकासे किया १० बार दुष्कर्म, पीडिताकी मांको बनाया था मुंहबोली बहन
२४ जनवरी, २०२२
अहमदाबादके गोमतीपुरमें अवयस्कसे दुष्कर्म किए जानेका परिवाद धर्मान्ध राहिलके विरुद्ध प्रविष्ट किया गया है । अहमदाबादके पूर्व विस्तारमें रहनेवाली निशा (परिवर्तित हुआ नाम) एक निजी चिकित्सालयमें चाकरी करती है । वहां एक महिला आती थी, जिसकी निशाके साथ मित्रता हो गई । कुछ दिवस पूर्व उस महिलाके पतिका निशासे परिचय हुआ था । जिसने निशाको बहन माना था । निशा हिन्दू व महिलाका पति मुसलमान था । निशाका मुंहबोला भाई राहील निशाकी बेटी प्रियाके (परिवर्तित नाम) सम्पर्कमें आया जो अवयस्क थी । इसके पश्चात दोनों सामाजिक जालस्थलपर एक दूसरेसे बातचीत करने लगे थे । इस मध्य उसने प्रियाको अपने जालमें फंसा लिया और एक या दो नहीं; अपितु दस बारपर
दुष्कर्म किया ।
जो लोग अपनी बहनोंसे ही ‘निकाह’ कर लेते हैं, वे अन्योंसे सम्बन्धोंकी मर्यादा कैसे रखेंगे ? यह बात हिन्दुओंको क्यों समझमें नहीं आती है ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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