ऋषिकेशके चिदानंद मुनिके आश्रममें मुसलमानोंद्वारा ‘नमाज’ !
२९ मार्च, २०२२
ऋषिकेशके निर्वाणी आखाडेके चिदानंद मुनिके आश्रममें मुसलमानोंद्वारा नमाजपठनकी घटना उजागर हुई है । इसलिए हरिद्वारके सन्तोंने चिदानंद मुनिका निषेध किया है । हरिद्वारके शांभवी आश्रमके अध्यक्ष स्वामी आनंदस्वरूपकी अध्यक्षतामें सन्तोंने बैठकमें चिदानंद मुनिका विरोध किया ।
सन्तोंकी भेंटके उपरान्त स्वामी आनंद स्वरूपने पत्रकारोंसे संवाद करते हुए कहा कि ‘चिदानंद मुनिने पवित्र गंगाजीको प्रदूषित किया है; इसलिए हरिद्वारके सन्त उन्हें क्षमा नहीं करेंगे । ऐसे सन्तोंद्वारा किया गया कार्य धर्मके विरुद्धमें होता है, यह कहते हुए काली सेनाने उनको निर्वाणी आखाडेसे निकाल देनेका परामर्श दिया है ।’
काली सेनाके विनोद गिरी महाराजने इस घटनाका निषेध करते हुए कहा है कि ‘हिन्दुओंके विरुद्ध कार्य करनेवाले किसी कोई भी व्यक्ति अथवा सन्तको काली सेना छोडेगी नहीं । जो सन्त सनातन धर्म एवं संस्कृतिका अनादर करते हैं, उनका बहिष्कार कर उनका मुंह काला किया जाएगा ।’
बाह्य आचरणके माध्यमसे हिन्दू मुसलमान एकताका प्रदर्शन करनेके प्रयास सदैवसे निरर्थक सिद्ध होते आए हैं । वास्तविक एकता आत्मिक स्वरूपकी होती है; जो सनातन धर्मकी सर्व व्यापकताको परिलक्षित करता है; ऐसा अन्य पन्थोंको सनातन धर्मकी ओर उन्मुख होकर सीखना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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