ज्ञानवापी सर्वेक्षणके पश्चात शिवलिंगपर अभद्र टिप्पणी करनेवाले देशके नास्तिक एवं हिन्दूविरोधी तत्त्व !
२० मई, २०२२
गुजरात ‘AIMIM’के नेता दानिश कुरैशीको बुधवारको (१८ मई २०२२ को) ‘पुलिस’ने बन्दी बना लिया । दानिशपर आरोप है कि उसने ज्ञानवापी विवादित ढांचेमें शिवलिंग पाए जाने और स्थानीय न्यायालयद्वारा इसकी सुरक्षाका आदेश दिए जानेके पश्चात अभद्र टिप्पणी की थी । हिन्दू संगठनोंने इसपर आक्रोश जताया था और उनको बन्दी बनाए जानेकी मांग की । मंगलवारको (१७ मई २०२२ को) अहमदाबादके वासणामें उसके विरुद्ध याचिका प्रविष्ट की गई थी । जयदीप सिंह वाघेलाने घटना प्रविष्टकर कार्यवाहीकी मांग की थी । ‘पुलिस’ने आज दानिशको बन्दी बना लिया है ।
याचिकाकर्ता जयदीप सिंह वाघेलाने बताया कि जब कुरैशीकी टिप्पणी उनके संज्ञानमें आई, तो किसी भी हिन्दूकी भांति उनकी भी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं; इसलिए सभी हिन्दुओंकी ओरसे उन्होंने कुरैशीके विरुद्ध वासणा ‘थाने’में आवेदन दिया । वाघेलाने आगे कहा कि दानिशको बन्दी बनानेसे बात समाप्त नहीं हो जाती है; अपितु कठोर दण्ड भी मिलनी चाहिए ।
वाराणसीके ज्ञानवापी विवादित ढांचेमें शिवलिंग मिलनेकी घटना सामने आनेके पश्चात ‘सोशल मीडिया’पर अनेक प्रकारकी अशोभनीय, अभद्र और धार्मिक भावनाओंको आहत करनेवाले व्यंग्य साझा किए जा रहे हैं । इस मध्य डॉ. श्रीनिवास राजकुमारने भी शिवलिंगको लेकर आपत्तिजनक ‘पोस्ट’ साझा किया है । उन्होंने अपने ‘ट्विटर अकाउंट’पर शिवलिंगको अधिक अभद्र प्रकारसे दिखाया है ।
इस ‘पोस्ट’पर ‘सोशल मीडिया यूजर्स’ अत्यधिक ‘खरी-खोटी’ सुना रहे हैं । कोई उन्हें कारावास भेजनेकी बात कह रहा है तो कोई योगी आदित्यनाथ शासनसे कार्यवाहीकी मांग कर रहा है ।
ऐसे नास्तिक लोग मुख्य रूपसे हिन्दू धर्ममें ही दिखाई देते है, जो स्वयं तो हिन्दू होते है; किन्तु धर्म शिक्षणके अभावमें स्वयंको नास्तिक मानते है, ऐसे हिन्दुओंको पुनः मार्गपर लाने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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