सम्पूर्ण भारतके भिन्न राज्योंमें विशेषकर दक्षिण भारतमें सतत् हो रही हिन्दुत्ववादी नेताओंकी हत्या, हिन्दू संगठनके अभावका परिचय देती हैं अन्यथा जिस देशमें सौ कोटि हिन्दू रहते हों, उनके प्रतिनिधिकी ओर कोई वक्र दृष्टिसे भी कैसे देख सकता है ?- (परात्पर गुरु तनुजा ) ठाकुर
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