धर्मधारा


अखण्ड भावावस्था द्वैत अवस्थाकी सर्वश्रेष्ठ अवस्था होती है; किन्तु इसमें कार्य नहीं हो सकता ! कार्य करने हेतु उस स्थितिसे बाहर आना पडता है ।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution