जुलाई ३, २०१८
मध्य प्रदेशमें १२वीं कक्षामें पढाई जा रही राजनीति शास्त्रकी पुस्तकमें भाजपाको हिन्दुत्व कार्यसूची वाला दल बताया गया है । इसके पश्चात मध्यप्रदेशकी राजनीतिमें अस्थिरता आ गई है ।
पुस्तकमें लिखा है कि भाजपा हिन्दुत्व कार्यसूची वाला दल है । उसमें यह भी लिखा है कि गोधरामें मुसलमानोंके विरुद्ध हिंसा हुई ! गोधरामें हिंसाका ताण्डव एक माह तक चला और उस हिंसामें ११०० मृतकोंमें अधिकतर मुसलमान थे ! इतना ही नहीं यह भी लिखा है कि गोधरा हिंसाके समय तत्कालीन प्रधानमन्त्री अटल बिहारी बाजपेयीने गुजरात सरकारको ‘राजधर्म’ निभानेकी भी सीख दी । इसके पश्चात ‘मानवाधिकार आयोग’ने गुजरात शासनकी आलोचना भी की थी । पुस्तकमें लिखा है कि अधिकतर दल भाजपाकी हिन्दुत्व विचारधारासे सहमत नहीं हैं । भाजपाने ‘अयोध्या विवाद’को चुनावी मुद्दा बनाया ।
इसमें कांग्रेसका वर्णन भी किया गया है, जिसमें लिखा है कि देशमें लम्बे समयतक कांग्रेसके प्रभुत्वका समय रहा है । गुटबाजी कांग्रेसकी दुर्बलता नहीं शक्ति बनी ! कांग्रेस स्वतन्त्रताके पश्चात प्रत्येक मतदानमें आगे रही और राजनीतिके एक कालखण्डको ‘कांग्रेस प्रणाली’ कहा जाता है । इसके पश्चात इस प्रकरणपर कोहराम मच गया ! इसपर कांग्रेस समाचार विभागके प्रभारी मानक अग्रवालने कहा कि ‘एनसीईआरटी’में जो इतिहास पढाया जा रहा है, उसमें सम्पूर्ण बातें सही लिखी हैं; लेकिन उनका कहना है कि भाजपाको हिन्दुत्ववादी दल बताने वाली पंक्तिको हटाया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि समाजमें वैमनस्य फैले; इसलिए वे विनती करेंगे कि इस तथ्यको पाठ्यक्रमसे हटा दिया जाए; यद्यपि इस प्रकरणपर अभीतक भाजपासे कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है ।
स्रोत : न्यूज18इण्डिया
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