अगस्त २, २०१८
उत्तरी कर्नाटकको भिन्न राज्य बनानेकी मांगको लेकर आज कई संगठनोंने बन्द बुलाया है । इसको लेकर कई प्रान्तोंमें सुरक्षा व्यवस्था बढा दी गई है । इस बन्दका नेतृत्व ‘राज्य आन्दोलन समिति’ कर रही है । इसका प्रभाव उत्तरी कर्नाटकके १३ प्रान्तोंमें पड सकता है ।
यह मांग काफी समयसे उठाई जा रही है । इस मध्य राज्यके मुख्यमन्त्री एचडी कुमारस्वामीने बुधवारको इसपर कहा कि ये बन्द भाजपाद्वारा प्रायोजित है, इसका कोई प्रभाव नहीं पडेगा ।
इस मांगको गत वर्तमानमें तेजी आई है, जिसके कारण बन्द बुलाया गया है । पहले ऐसे अनुमान लगाया जा रहा था कि गठबन्धन शासनमें उप-मुख्यमन्त्रीका पद उत्तरी कर्नाटकके ही किसी नेताको मिल सकता है । राज्य शासनमें जल संसाधन मन्त्री एम. बी. पाटिल इसमें सबसे आगे बताए जा रहे हैं ।
इसके अतिरिक्त भी उत्तरी कर्नाटकसे आने वाले कई विधायकोंने ऐसी परिवाद की है कि आयव्ययकमें (बजटमें) इस क्षेत्रपर ध्यान नहीं दिया गया है । कोहराम इसलिए भी अधिक हुआ; क्योंकि आयव्ययकके पश्चात कुमारस्वामीने वक्तव्य दिया था कि उत्तरी कर्नाटकके लोगोंको शासनको धन्यवाद देना चाहिए; क्योंकि उन्होंने जेडीएसको मत नहीं दिए, तथापि अच्छा आयव्ययक (बजट) दिया गया है ।
आपको बता दें कि उत्तरी कर्नाटक बीजेपीका गढ है । यहांके लगभग १२ प्रान्तोंमें ८० विधानसभा क्षेत्र आते हैं । बीजेपीके मुख्य नेताओंमें जगदीश शेट्टर और प्रह्लाद जोशी इसी क्षेत्रसे आते हैं । बीजपी इस दुर्गके आश्रय सत्ता कर्नाटकमें कमल खिला चुकी है ।
स्रोत : आजतक
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