पुलवामामें १४ गांवमें ‘कासो’के समय भडकी हिंसा, एक युवककी मृत्यु, सुरक्षाबलोंपर हुआ पथराव


सितम्बर ४, २०१८

दक्षिण कश्मीरके पुलवामामें सुरक्षा बलोंके कासोके (कार्डन एण्ड सर्च ऑपरेशन) समय सोमवारको हिंसा भडक उठी ! स्थानीय युवक अभियानके समय सडकपर उतर आए, सुरक्षा बलोंपर पथराव आरम्भ कर दिया । स्थिति पर नियन्त्रण पानेके लिए सुरक्षा बलोंद्वारा की गई कार्यवाहीमें फय्याज अहमद नामके एक युवककी मृत्यु हो गई, जबकि अन्य स्थानोंपर हुए संघर्षमें एक दर्जन से अधिक युवक चोटिल हैं । गुसू गांवमें युवककी मृत्युके पश्चात तनाव है । लोकवादपर नियन्त्रणके लिए जालस्थल सेवा बन्द कर दी गई है । दक्षिण कश्मीरमें रेल सेवा भी स्थगित है । एक अधिकारीके अनुसार, सेनाकी ५५, ४४, ५३ राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), ‘सीआरपीएफ’ और जम्मू कश्मीर पुलिसके ‘एसओजी’ने इन गांवोंके सभी प्रवेश व निकास द्वारोंको बन्द कर घरोंकी जांच आरम्भ कर दी । स्थानीय सूत्रोंने बताया कि जिस समय सुरक्षाबल अभियान चला रहे थे, तभी ओवर ग्राउण्ड कर्मियोंने सामाजिक प्रसार माध्यमोंके द्वारख लोकवाद प्रसारित करना आरम्भ कर दिया । पत्थरबाज वहांपर एकत्र होने लगे और पथराव आरम्भ कर दिया ! स्थिति विकट होती देख सुरक्षाबलोंने पहले आंसू गैसके गोले दागे । स्थिति अधिक बिगडने लगी तो कुछ स्थानोंपर सुरक्षाबलोंने हवामें गोलीबारी भी की । इस समय ‘पेलेट गन’का भी प्रयोग किया गया ।

शोपियांमें हिजबुल अधिकारीकी खोज जारी
रविवारको शोपियांके लाडी गांवमें भिडन्तके समय हिजबुल अधिकारी जीनत उल इस्लाम सहित तीन आतंकी सुरक्षा बलोंको धोखा दे भाग निकले थे ! सोमवारको भी उसकी खोजमें भी सेनाने कई स्थानों पर अभियान चलाया ।

इस मध्य गुसू गांवमें हिंसक प्रदर्शनके समय ही एक युवक फय्याज अहमद चोटिल हो गया । उसके सिरमें गोली लगी थी । युवकको तुरन्त निकटके चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उसे श्रीनगरके ‘एसएमएचएस’ चिकित्सालय भेज किया गया । वहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया । युवकका संज्ञान फैय्याज अहमद वानी पुत्र अहसान वानी निवासी चेवाकलांके रूपमें हुई है ।

फय्याज अहमदको उसके पैतृक गांवमें देर शाम दफना दिया गया । उसकी अन्तिम यात्रामें भारी भीड थी और लोग स्वतन्त्रता और आतंकी जाकिर मूसाके समर्थनमें नारेबाजी कर रहे थे !

स्रोत : अमर उजाला



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