सितम्बर ४, २०१८
दक्षिण कश्मीरके पुलवामामें सुरक्षा बलोंके कासोके (कार्डन एण्ड सर्च ऑपरेशन) समय सोमवारको हिंसा भडक उठी ! स्थानीय युवक अभियानके समय सडकपर उतर आए, सुरक्षा बलोंपर पथराव आरम्भ कर दिया । स्थिति पर नियन्त्रण पानेके लिए सुरक्षा बलोंद्वारा की गई कार्यवाहीमें फय्याज अहमद नामके एक युवककी मृत्यु हो गई, जबकि अन्य स्थानोंपर हुए संघर्षमें एक दर्जन से अधिक युवक चोटिल हैं । गुसू गांवमें युवककी मृत्युके पश्चात तनाव है । लोकवादपर नियन्त्रणके लिए जालस्थल सेवा बन्द कर दी गई है । दक्षिण कश्मीरमें रेल सेवा भी स्थगित है । एक अधिकारीके अनुसार, सेनाकी ५५, ४४, ५३ राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), ‘सीआरपीएफ’ और जम्मू कश्मीर पुलिसके ‘एसओजी’ने इन गांवोंके सभी प्रवेश व निकास द्वारोंको बन्द कर घरोंकी जांच आरम्भ कर दी । स्थानीय सूत्रोंने बताया कि जिस समय सुरक्षाबल अभियान चला रहे थे, तभी ओवर ग्राउण्ड कर्मियोंने सामाजिक प्रसार माध्यमोंके द्वारख लोकवाद प्रसारित करना आरम्भ कर दिया । पत्थरबाज वहांपर एकत्र होने लगे और पथराव आरम्भ कर दिया ! स्थिति विकट होती देख सुरक्षाबलोंने पहले आंसू गैसके गोले दागे । स्थिति अधिक बिगडने लगी तो कुछ स्थानोंपर सुरक्षाबलोंने हवामें गोलीबारी भी की । इस समय ‘पेलेट गन’का भी प्रयोग किया गया ।
शोपियांमें हिजबुल अधिकारीकी खोज जारी
रविवारको शोपियांके लाडी गांवमें भिडन्तके समय हिजबुल अधिकारी जीनत उल इस्लाम सहित तीन आतंकी सुरक्षा बलोंको धोखा दे भाग निकले थे ! सोमवारको भी उसकी खोजमें भी सेनाने कई स्थानों पर अभियान चलाया ।
इस मध्य गुसू गांवमें हिंसक प्रदर्शनके समय ही एक युवक फय्याज अहमद चोटिल हो गया । उसके सिरमें गोली लगी थी । युवकको तुरन्त निकटके चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उसे श्रीनगरके ‘एसएमएचएस’ चिकित्सालय भेज किया गया । वहां पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया । युवकका संज्ञान फैय्याज अहमद वानी पुत्र अहसान वानी निवासी चेवाकलांके रूपमें हुई है ।
फय्याज अहमदको उसके पैतृक गांवमें देर शाम दफना दिया गया । उसकी अन्तिम यात्रामें भारी भीड थी और लोग स्वतन्त्रता और आतंकी जाकिर मूसाके समर्थनमें नारेबाजी कर रहे थे !
स्रोत : अमर उजाला
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