सितम्बर १०, २०१८
पीडीपी प्रमुख व पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीने कहा है कि उनका दल राज्यके विशेष दर्जे से सम्बन्धित ‘अनुच्छेद ३५-ए’को, जिसे न्यायालयमें चुनौती दी गई है, बचानेके लिए बलिदान देनेको तैयार है ! गांदरबलके कंगनमें आयोजित एक कार्यक्रमके पश्चिमदिशा विवरणसे उन्होंने कहा कि उनका जब शासन थी तो उन्होंने देशके उच्च अधिवक्ताओंको ‘अनुच्छेद ३५-ए’को बचानेके लिए लगाया था । भविष्यमें भी जो कुछ सम्भव होगा, वह स्वयं व उनका दल करेगा । उन्होंने कहा कि शान्तिके लिए भारतको पाकिस्तानको मित्रताका सकारात्मक उत्तर देना चाहिए । मुफ्ती सदैव कहते थे कि वे मुख्यमन्त्री बननेके इच्छुक नहीं हैं, बल्कि यहांकी जनताको वर्तमान परिस्थितियों से बाहर निकलना होगा ।
इसके लिए वाजपेयी जीके कार्यकालमें सबसे प्रथम प्रयास हुए, फिर मोदीजीके कार्यकालमें भाजपा शके साथ गठबन्धन किया गया । प्रयास किया गया कि पाकिस्तानके साथ सम्बन्ध अच्छे हों । उन्होंने कहा कि दिल्लीको भी चाहिए कि वाजपेयीकी राहपर चलकर पाकिस्तानके साथ दोस्तीका हाथ बढाए । साथ ही यहां भी बातचीतका प्रकरण आरम्भ हो ।
महबूबा मुफ्तीने कहा कि निकाय व पंचायत मतदानपर बात चल रही है । उनके शासनने भी सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, तब सर्वसम्मति बनी थी कि स्थिति मतदान योग्य नहीं हैं । सभीको सुरक्षा दे पाना सम्भव नहीं होगा । आशा है कि राज्यपाल भी सर्वदलीय बैठक बुलाकर चर्चा करेंगे और तब निर्णय करेंगे; लेकिन समस्या यह है कि ‘३५-ए’को मिला दिया गया । न्यायालयमें कहा गया कि ‘३५-ए’पर सुनवाई टाल दी जाए; क्योंकि पंचायत मतदान होने हैं । इससे समस्या और विकट हो गई और लोगोंमें शंका पैदा हुई ।
स्रोत : अमर उजाला
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