सितम्बर १९, २०१८
‘हनी ट्रैप’के प्रकरणमें एक बीएसएफ जवानको उत्तरप्रदेश एटीएसने नोएडासे बन्दी बनाया है । वह महिलाओंसे मित्रता कर गोपनीय सूचनाएं आतंकी संगठन ‘आईएसआई’को देता था !
डीजीपी ओपी सिंहने बुधवारको बताया कि बीएसएफका जवान अच्युतानन्द मिश्रा लडकियोंके नामसे फर्जी ‘फेसबुक आईडी’ बनाकर सशस्त्र बलोंके कर्मियोंसे मित्रता करता था और फिर उनसे सेना से जुडी सभी गोपनीय सूचनाएं लेकर आतंकी संगठन ‘आईएसआई’को देता था ! आरोपी मध्यप्रदेशके रीवा क्षेत्रका रहने वाला है । वह वर्ष २००६ में ‘बीएसएफ’में भर्ती हुआ था । उसके चलभाष और ‘फेसबुक’ खाताके रूपमें अन्तर्जाल साक्ष्य मिले हैं । जिस आतंकी संगठन से वह बात करता था, उसका चलभाष क्रमांक ‘पाकिस्तानी मित्र’के नाम से उसने संरक्षित कर रखा था ।
डीजीपीने बताया कि अच्युतानन्दने अपना दोष स्वीकार कर लिया है । उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओंमें अभियोग प्रविष्ट कर लिया है । डीजीपीने कहा कि एटीएसके पुलिस उपाधीक्षक मनीष सोनकरकी अध्यक्षतामें दलने आरोपीको बन्दी बनाया है ।
“जब राष्ट्रद्रोही घरमें ही हो तो बाहर वालोंकी आवश्यकता ही क्या है ? शासन इन द्रोहियोंको ढूंढकर निकाले और मृत्युदण्ड दें !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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