सितम्बर २९, २०१८
भारत-पाकिस्तान अन्तर्राष्ट्रीय सीमाके (आईबी) जम्मूमें बीएसएफके मुख्य सुरक्षाकर्मी नरेन्द्र शर्माके साथकी गई बर्बरताका बदला ले लिया गया है । गृह मन्त्री राजनाथ सिंह और बीएसएफके महानिदेशक केके शर्माने इसकी पुष्टि की । शर्माने कहा कि नियन्त्रण रेखापर (एलओसी) दो दिवस पूर्व हुई इस प्रथम कार्यवाहीके पश्चात पाकिस्तानी सेना और पाक बलके विरुध्द अगली कार्यवाहीकी भी पूरी सिद्धता है ।
राजनाथ सिंहने मुजफ्फरनगरमें कहा कि सेना और बीएसएफको अपनी आवश्यकताके अनुसार सीमापर कार्यवाहीकी छूट है । शर्माने शुक्रवारको बताया कि दो दिवस पूर्व एलओसीपर बीएसएफने सेनाकी सहायतासे भीषण कार्यवाही की । इसमें पाकिस्तानी सेना और बलके ‘कम से कम’ ११ जवान मार गिराए गए !
शर्माके अनुसार, १९ सितम्बरकी घटनाके पश्चात बीएसएफकी कार्यवाहीके भयसे पाकिस्तानी सेनाने ‘आईबी’पर अपनी सीमाके पांच किमीका क्षेत्र रिक्त कर दिया था । इससे बीएसएफ आईबीपर कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है । आने वाले दिवसोंमें पाक सेना और बलके विरूद्ध कई बडी कार्यवाहीकी सिद्धता है ।
शर्माने कहा कि इमरानके प्रधानमन्त्री बननेसे सीमापर आक्रामकता बढी है । ‘आईबी’पर पाकिस्तानने प्रथम बार ‘बैट अभियान’ कर भारतको बडी चुनौती दी है । नरेन्द्र शर्माके साथ “बैट’के अन्तर्गत ही बर्बरता की गई !
डीजीने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय सीमाके पास दर्जनों ‘लॉन्चिंग पैड’ है । इनमें से कुछ तो सीमासे केवल पांच से सात किलोमीटरपर हैं । यहां सैकडों आतंकियोंको प्रशिक्षण दिया जा रहा है । अवसर मिलते ही वह प्रशिक्षित आतंकियोंको घुसपैठ करानेका प्रयास करेंगे ।
“सेनाके इस अदम्य साहसका हम ‘वैदिक उपासना पीठ’की ओरसे अभिनन्दन करते हैं । सेना ही अधर्मी व बर्बर पाकिस्तानसे देशवासियोंका रक्षण करती है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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