सितम्बर ३०, २०१८
उत्तर प्रदेशकी रहने वाली एक महिलाका कहना है कि उसके पतिने उसे दहेजकी मांगके चलते ‘तीन तलाक’ दे दिया है और उसका पति उसे पीटता है ! गत सप्ताह ही तीन तलाकपर सरकारने अध्यादेश प्रस्तुत किया है, जिसे आगामी ६ माहमें शासनको इस अध्यादेशको संसदमें पारित कराना होगा । संसद से पारित होते ही यह अध्यादेश वैधानिक रूप ले लेगा ।
वहीं तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेशके अनुसार तीन तलाक पीडिता या उसका कोई परिजन ही अभियोग प्रविष्ट करा सकेगा । साथ ही न्यायाधीशके पास ही तीन तलाकके प्रकरणमें जमानत देनेका अधिकार होगा । अध्यादेशमें तीन तलाकके पश्चात सन्धिका भी प्रावधान किया गया है ।
शुक्रवारको हैदराबादमें ‘यूनाइटेड मुस्लिम फोरम’ने एक बैठकका आयोजन किया, जिसमें कई मुस्लिम संगठन सम्मिलित हुए । इस बैठक में सरकारद्वारा तीन तलाकपर लाए गए अध्यादेशकी आलोचना की गई । मुस्लिम संगठनोंका आरोप है कि यह अध्यादेश पीछेके द्वारसे लाया गया है और इसके लिए मुस्लिम बुद्धिजीवियोंकी परामर्श नहीं लिया गया है ।
“वस्तुत: यदि कोई बुद्धिजीवी होता तो क्या ऐसे निकृष्ट कृत्य अभीतक इस्लाममें होते क्या ? ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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