सितम्बर ३०, २०१८
स्वास्थ्य मन्त्रालयने गाजियाबादकी एक औषधि निर्माता उद्योगद्वारा बनाई गई, पिलाई जाने वाली पोलियोकी औषधिमें ‘पोलियो टाइप-२’ विषाणुके अंश मिलनेके पश्चात जांचका आदेश दे दिया है । वहीं प्रबन्धक निदेशकको शनिवारको बन्दी बना लिया गया ! भारत सहित विश्व से ‘पोलियो टाइप-२’ विषाणुका उन्मूलन हो चुका है । केवल शासन संचालित टीकाकरण कार्यक्रमके लिए पोलियोकी औषधिकी आपूर्ति करने वाली ‘बायोमेड प्राइवेट लिमिटेड’के प्रबन्धक निदेशकको बन्दी बना लिया गया । केन्द्रीय औषधि नियामकने इसमें एक प्राथमिकी प्रविष्ट की है । ‘ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इण्डिया’ने उद्योगसे अगले आदेश तक दवाका उत्पादन, विक्रय और विपणन रोकनेको कहा है ।
एक सरकारी अधिकारीने कहा, ‘‘उद्योगमें पांच निदेशक हैं । प्रबन्ध निदेशकको बन्दी बना लिया गया है, हमने पुलिससे अन्य निदेशकोंका संज्ञान करनेके लिए कहा है; क्योंकि उनसे भी पूछताछकी आवश्यकता है ।’’ स्वास्थ्य मन्त्रालयके एक सूत्रके अनुसार यह तब प्रकाशमें आया, जब उत्तर प्रदेशसे देखरख विवरणमें कुछ बालकोंके मलके प्रतिदर्शमें (नमूनोंमें) विषाणुके संकेत मिले ! इसके पश्चात औषधिको जांचके लिए भेजा गया, जिसमें इस बातकी पुष्टि हुई कि इनमें से कुछ टाइप-२ विषाणुसे दूषित हैं !
“स्वार्थकी दौडमें मानव अब इस स्तरतक गिर चूका है कि उसने देशके भविष्य, निश्छल बालकोंको भी नहीं छोडा ! शासन त्वरित इन राष्ट्रद्रोहियोंपर कठोर-से-कठोर कार्यवाही करें ! यदि ऐसे विधर्मियोंको मृत्युदण्ड भी दिया जाए वह भी कम होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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