वर्णाश्रम व्यवस्था टूटनेका परिणाम


दो सहस्र वर्ष पूर्वतक वर्णाश्रम व्यवस्था भारतीय संस्कृतिके मेरुदण्डके (रीढकी हड्डी) समान थी । साम्प्रत (वर्तमान) कालमें धर्मशिक्षणके अभावमें हिन्दुओंने साधना और धर्माचरण करना छोड दिया है; फलस्वरूप आज वर्णाश्रम व्यवस्था टूट चुकी है और चारों ओर अधर्म और सन्ताप बढ गए हैं ।  



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution