अक्तूबर ६, २०१८
शुक्रवारको गुवाहाटीमें एक सामूहिक समाचार वार्ताके (प्रेस कॉन्फ्रेंसके) मध्य नकवीने कहा कि कोई भी देश अपने यहां अवैध प्रवासियोंको स्वीकार नहीं कर सकता । यद्यपि, इसके आगे उन्होंने उन प्रश्नोंपर भी उत्तर दिया, जिसमें विशेष रूपसे मुसलमानोंको देशसे बाहर निकालनेके आरोप लगते रहे हैं । नकवीने बल देकर कहा, “प्रत्येक मुसलमान घुसपैठिया नहीं है ! भारतीय मुसलमान देशका सम्मान करते हैं और उसके विकासके लिए कार्य करते हैं ।”
नकवीने यह भी बताया कि अवैधानिक रूपसे रह रहे घुसपैठिए सबसे अधिक हानि भारतीय मुसलमानोंको ही पहुंचा रहे थे और जो भी कार्यवाही उनके विरुद्घ की गई है, वह कानून सम्मत है ।
मुख्तार अब्बास नकवीका यह वक्तव्य सरकारके उस निर्णयके पश्चात आया है, जिसमें अवैध रूपसे रह रहे ७ रोहिंग्या मुसलमानोंको म्यांमार वापस भेजनेका निर्णय किया गया है ।
अपने वक्तव्यमें मुख्तार अब्बास नकवीने यह भी बताया कि एनडीए सरकार अल्पसंख्यक तुष्टिकरण नीतिका विरोध करती है और ‘समावेशी विकास’के लिए कार्य करती है ।
“मन्त्रीजीके दिव्य ज्ञानसे स्पष्ट है कि इन्हें स्वयं नहीं ज्ञात कि मुस्लिम तुष्टीकरण कर रहे हैं अथवा स्वयंको राष्ट्रवादी सिद्ध कर रहे हैं ! वस्तुत: कुर्सी व पदकी राजनीतिमें फंसे प्रत्येक नेताकी यही स्थिति है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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