अक्तूबर २२, २०१८
कर्नाटकके बेलागावीके रहने वाले एक सैनिकने अदम्य साहसका प्रदर्शन करते हुए अपने प्राण देकर २० लोगोंकी प्राणरक्षा की । उमेश हेलावार बेलागावीके गोककके रहने वाले थे । ‘सीआरपीएफ’में कार्यरत उमेश मणिपुरके इम्फालमें कार्यरत थे । वह एक वाहनमें यात्रा कर रहे थे, जब उन्होंने एक हथगोला (ग्रेनेड) पडा देखा । उमेशने साहस दिखाते हुए बम हाथमें उठाया और बससे कूद गए ! उनके कूदते ही बम विस्फोट गया और वह हुतात्मा (शहीद) हो गए ।
उनके इस साहसके कारणसे बसमें २० लोगोंकी प्राणरक्षा हुई । उमेशका पार्थिव शरीर शीघ्र ही उनके पैतृक गांव गोकक लाया जाएगा । उमेशके पिता कर्नाटक परिवहनमें बस चालक हैं । पिताके अतिरिक्त उनके कुटुम्बमें मां और दो भाई हैं । गोकक तहसीलदार जीएस मलागीने बताया कि उमेशका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मानके साथ किया जाएगा । यद्यपि गोककके लोगोंकी मांग है कि उमेशका अंतिम संस्कार किसी सरकारी भूमिपर किया जाए और सरकार उनकी मूर्ति अथवा शहीद स्मारक बनवाए । सैकडों प्रदर्शनकारियोंने इन मांगोंको लेकर तहसीलदार कार्यालयपर प्रदर्शन किया । कुछ बदमाशोंने पत्थरबाजी भी की, जिसके पश्चात् पुलिसने लाठी चलाकर दो बदमाशोंको बन्दी बना लिया । तहसीलदारने बादमें आश्वासन दिया कि उनकी मांगें मानी जाएंगी, तब जाकर आक्रोशित गांववाले माने ।
“सैनिकके इस अदम्य साहस व समर्पणको हम प्रणाम करते हैं ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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