अक्तूबर २३, २०१८
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालयके पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमारने कहा है कि उन्हें हिन्दू धर्मका विरोधी बतानेका प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह किसी धर्मके विरोधी नहीं हैं, बल्कि कर्मकाण्ड और आडम्बरका विरोध करते हैं ।
चुनाव लडनेके प्रश्नपर कन्हैयाने मंगलवार, २२ अक्तूबरको कहा, “ यदि महागठबंधन मुझे बेगूसरायसे चुनाव लडनेके लिए कहेगी तो अवश्य लडेंगे !” पटनामें आयोजित एक सामूहिक समाचार वार्तामें (प्रेस कॉन्फ्रेंसमें) उन्होंने कहा कि सीपीआईकी ओरसे २५ अक्टूबरको पटनाके गांधी मैदानमें एकता रैली आयोजित होने वाली है । कन्हैयाने कहा कि यह रैली किसी दलका व्यवसाय बनानेके लिए नहीं, बल्कि देशको बचानेके लिए है । यह रैली देशको बचाने और भाजपाको हरानेके लिए है । इसमें सभी विपक्षी दलोंको आमन्त्रित किया गया है । कांग्रेसके नेता गुलाम नबी आजाद इसमें सम्मिलित हो सकते हैं । राजद नेता तेजस्वी यादवको भी इसमें निमन्त्रण दिया गया है ।
तेजस्वी यादवने अभी तक आपके पक्षमें कोई ट्वीट क्यों नहीं किया ? इस प्रश्नपर कन्हैयाने कहा कि सब काम ‘ट्वीट’से नहीं होता ! वह (तेजस्वी) अभी यात्रामें लगे हैं । यदि ‘ट्वीट’से ही जानकारी देनी होती तो कोई प्रेसवार्ता क्यों करता ?
कन्हैयाने कहा, “बेगूसरायकी घटनाकी आडमें मुझे हिन्दू विरोधी बतानेका प्रयास किया जा रहा है । मैं किसी धर्मका विरोधी नहीं हूं, बल्कि कर्मकाण्ड और आडम्बरका विरोधी हूं । मेरे विरुद्घ एक फर्जी वीडियो जारी कर बदनाम किया जा रहा है ।” बता दें कि गत दिवसोंमें धार्मिक भावना भडकानेके आरोपमें कन्हैयाके विरुद्घ प्रकरण प्रविष्ट कराया गया था ।
‘एफआईआर’में वीडियोका सन्दर्भ देकर आरोप लगाया गया है कि कन्हैयाने हिन्दू-देवी देवताओंके लिए अपशब्दोंका प्रयोग किया है ! कन्हैयाने उस आरोपपर स्पष्टीकरण दिया और कहा कि वीडियो नकली है ।
“कर्मकाण्ड धर्मका, धर्म राष्ट्रीयताका, राष्ट्रीयता नेतृत्वका और नेतृत्व शासकोंका आधार है । क्या ये विधर्मी मैकॉले शिक्षण पद्धतिसे निकले नेतृत्वशक्ति हीन युवा, राजनेता होने योग्य हैं ?, स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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