नवम्बर २, २०१८
२९ अक्तूबरको बिहारके छपरा जंक्शनपर रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) पोस्टमें पुलिसकर्मियोंने अव्यस्क बालिकाके साथ दुष्कर्म किया ! उन्होंने पुलिस थानेमें ही उसके साथ रातभर दुष्कर्म किया ! बच्ची भटककर रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी । जवानोंद्वारा इस प्रकारके दुष्कर्म किए जानेके कारण प्रशासनमें हडकम्प मच गया है । इस प्रकरणकी जांच की जा रही है ।
आरपीएफ सैनिकोंद्वारा किए दुष्कर्मकी बात सामने आनेपर बालिका गृहके अधीक्षकने महिला थानेमें प्राथमिकी (एफआईआर) प्रविष्ट करवाई है । उन्होंने इसके बारेमें जिलाधिकारी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियोंको जानकारी दी । घटनाकी जानकारी मिलनेके पश्चात् आरपीएफके महानिरीक्षक (आईजी) राजारामने इसकी जांचके आदेश दे दिए हैं । आदेश मिलनेके पश्चात् सहायक सुरक्षा अधिकारीने (कमांडेंटने) इसकी जांच आरम्भ कर दी है ।
आरपीएफ सैनिकोंको बच्ची संदिग्ध स्थितिमें शामके सात बजे छपरा जंक्शनके बाहर मिली । आरपीएफ सैनिक उसे लेकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचे । वह उसे छपरा जंक्शनपर खुले चाइल्ड लाइनको सौंपनेके लिए लेकर गए । यद्यपि वहांके कर्मचारीने यह कहते हुए लडकीको लेनेसे मना कर दिया कि यहां कोई महिला कर्मचारी नहीं है ।
आरपीएफ सैनिक लिखित रूपमें एक महिला कर्मीके सरकारी आवासपर ले जाकर लडकीको सौंप दिया; लेकिन वह उसे कांस्टेबलके घर रखनेके स्थानपर आरपीएफ पोस्ट लेकर आ गए ! यहां उसे उप-निरीक्षकके कक्षमें बंद कर दिया गया, तत्पश्चात रातभर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया ! प्रातः जब उसने यह सब महिला कर्मचारी और महिला कांस्टेबलको बताया तो आरपीएफ सैनिकोंने पिटाई करके उसे चुप करवा दिया !
इसके पश्चात् बच्चीको बालिका गृहको सौंप दिया गया । जब उसने अपने साथ हुए कुकर्मके बारेमें बालिका गृहके अधीक्षकको बताया तो वह चौंक गए । उन्होंने बिना देर किए घटनाके बारेमें अपने वरिष्ठ अधिकारियोंको इसकी जानकारी दी । अधिकारियोंके निर्देशपर लडकीकी सदर चिकित्सालयमें जांच हुई, जिसके पश्चात् प्रकरणमें प्राथमिकी प्रविष्ट हुई ।
“सैनिक वेशभूषा देखकर लोगोंमें एक विश्वास जागृत होता है । ऐसे दुष्कृत्य कर लोगोंके विश्वास व बालिकाका जीवन नष्ट करने वाले कठोरसे कठोर दण्डके पात्र है ! प्रशासन इसपर त्वरित कार्यवाही कर दण्ड निर्धारण करें, ऐसी उनसे अपेक्षा है” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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