नवम्बर १३, २०१८
हरियाणाके रोहतक जनपदमें बाबा गोरखनाथ मंदिरके महन्तकी निर्ममताके साथ अज्ञात हत्यारोंने हत्या कर दी ! उनका लहूलुहान शव एक गांवके विरान क्षेत्रसे मिला है । पुलिसने आरोपियोंकी खोज आरम्भ कर दी है; लेकिन अभी तक कोई साक्ष्य पुलिसके हाथ नहीं लग पाया है ।
यह घटना रोहतकके एमपी माजरा गांवके निकट हुई । सोमवार,१२ नवम्बरकी दोपहर एक व्यक्ति झज्जर-बादली रोडपर गांव एमपी माजराके निकटसे जा रहा था । तभी उसने देखा कि सडकसे कुछ दूर विरान स्थानपर एक रक्तरंजित शव पडा है । उस व्यक्तिने इस बातकी सूचना पुलिसको दी । सूचना मिलनेके पश्चात् पुलिस पहुंची और शवकी जांच करनेपर ज्ञात हुआ कि मृतक बाबा गोरखनाथ मंदिरके महन्त विजय थे, जिन्हें तीव्र धार वाले शस्त्रसे (हथियारसे) मारा गया था । पुलिसने घटनास्थलपर एफएसएल दलको भी बुला लिया । दैनिक भास्करके अनुसार पुलिसको वहांसे एक तेजधार शस्त्र भी मिला है, जिसपर रक्त लगा हुआ था ।
पुलिसके अनुसार ५० वर्षीय महंत विजय मंदिरमें अकेले रहते थे । वह मूल रूपसे जनपदके ही भदानी गांवके रहने वाले थे; लेकिन गत एक वर्षसे वह इस मंदिरके महंत थे । मंदिर संस्थापक महंत पंचल नाथने समाधि लेनेसे पूर्व ही मंदिरकी देखरेखका उत्तरदायित्व महंत विजयको सौंप दिया था ।
पुलिसको प्रारम्भिक जांचसे लग रहा है कि बदमाश चोरी या लूटके लिए मंदिरमें आए हों और उन्होंने विरोध करनेपर महंतकी हत्या कर दी हो । घटनाके पश्चात् उनके शवको मंदिरके बाहर फेंक दिया गया हो । पुलिसको ऐसा इसलिए लग रहा है, क्योंकि इससे पूर्व भी वहांके मंदिरोंमें चोरी और लूटपाटकी घटनाएं हो चुकी हैं !
“प्रायः पुजारियों और महन्तोंकी धर्मान्धों व लुटेरोंद्वारा होने वाली हत्याएं हिन्दुओंके लिए चिन्ताका विषय बन गई है । जब महन्त अथवा पुजारी नहीं होंगे तो देवालयोंका संचालन कौन करेगा ? अतः कमसे कम हिन्दुवादी सरकारें इसे गम्भीरतासे ले व इसपर कडी कार्यवाही करे !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
Leave a Reply