नवम्बर २९, २०१९
पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री इमरान खानने गुरुवार, २९ नवम्बरको कहा कि वह भारतके प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीके साथ वार्ता करनेके लिए तैयार है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तानका देशके बाहर आतंकवाद फैलानेके लिए प्रयोग होनेकी आज्ञा देना हमारे हितमें नहीं है । खान स्पष्ट रूपसे भारतके उस रवैयेका वर्णन कर रहे थे, जिसमें कहा गया था कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते हैं और पाकिस्तानको अपनी भूमिसे आतंकवादियोंको सहायता उपलब्ध कराना बंद करनेके लिए प्रभावी और विश्वसनीय कार्यवाही करनी चाहिए ।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानके लोग भारतके साथ शान्ति चाहते हैं तथा उन्हें प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीसे भेंट और वार्ता करनेमें प्रसन्नता होगी । खानने कहा,‘‘यहांके लोगोंकी मानसिकता परिवर्तित हो चुकी है ।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कश्मीर मुद्देका समाधान सम्भव है तो पाकिस्तानी प्रधानमन्त्रीने कहा, ‘‘कुछ भी असम्भव नहीं है ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी भी प्रकरणपर वार्ता करनेके लिए तैयार हूं । कश्मीरका समाधान एक सैन्य समाधान नहीं हो सकता ।’’ यद्यपि उन्होंने कहा कि शान्तिके प्रयास एक पक्षीय नहीं हो सकते है । खानने कहा, ‘‘हम देहलीके संकेतके लिए भारतमें होने वाले मतदानकी प्रतीक्षा करनेके लिए सज्ज हैं ।’’ उन्होंने मुम्बई आक्रमणके दोषियोंको दण्ड देनेपर कहा, हाफिज सईदपर संयुक्त राष्ट्रने प्रतिबन्ध लगा रखा है । जमात-उद-दावा प्रमुखपर पहलेसे ही प्रतिबन्ध लगाया हुआ है ।
“प्रधानमन्त्री नहीं वरन् पाकिस्तानी सेना व ‘आइएसआइ’ वहां आतंकवादका संचालन करते हैं, यह समाचार समय-समयपर आते रहे हैं ! ऐसेमें क्या इमरान खान उनका भी उत्तरदायित्व लेनेको तैयार है ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
Leave a Reply