मार्च १५, २०१९
१४ मार्चकी सन्ध्याको फिलिस्तीनी आतंकियोंने इजराइलके बडे नगर तल अवीवपर रॉकेट आक्रमण किया, जिसमें फिलिस्तीनी आतंकियोंने २ रॉकेट छोडे !
इजराइलके वायु रक्षकोंने दोनों ही रॉकेटका अवरोधन (इंटरसेप्ट) कर लिया और दोनोंको ही हवामें उडा दिया, इजराइलको इस आक्रमणसे कोई हानि नहीं हुई । इसके पश्चात भी इजराइलने आतंकियोंको कडा उत्तर देनेकी घोषणा की ।
इजराइल शासनने इसे गम्भीर आक्रण घोषित कर दिया और अब इजराइलने घोषणा करनेके पश्चात गाजापर ‘स्ट्राइक्स’ आरम्भ कर दी है ।
इजराइलकी सेनाने गाजामें फिलिस्तीनके संगठन हमासके एक या दो नहीं, वरन १०० स्थानोंपर ‘स्ट्राइक’ कर दी ।
इजराइलकी वायुसेना और मिसाइल प्रणालीने फिलिस्तीनके १०० ठिकानोंपर स्ट्राइक किया, अब इसमें कितने फिलिस्तीनियोंको ढेर किया गया है वो तो फिलिस्तीन ही ठीकसे बता सकता है !
इजराइलने विश्वको पुनः सन्देश दे दिया कि उसपर किसीने आक्रमण किया तो २ के बदले १०० स्थानोंपर स्ट्राइक करेगा । इजराइल ऐसा भीषण देश है कि कोई भी मुस्लिम देश इस प्रकरणपर कुछ भी बोलनेको सज्ज नहीं है ।
“आतंकके विरुद्ध इजरायलकी नीति सदा ही सराहनीय रही है, तभी तो एक छोटासा देश होनेके पश्चात भी असीम शक्तिशाली है कि कोई उस ओर नेत्र उठाकर भी नहीं देख सकता है और इसका सबसे बडा कारण यहुदियोंका धर्माभिमान है, जो अपने राष्ट्रके प्रेमके लिए कुछ भी करनेको सज्ज है । वहां छोटेसे बडे तक सभीमें स्वधर्म प्रेम है, महिलाएं भी सेनामें बढ चढकर भाग लेती है, धर्मान्धताको सदैव नष्ट किया जआता रहा है । भारतीयोंमें यह तबतक नहीं आएगा, जबतक धर्माभिमान जागृत नहीं होगा । इजरायल-इजरायल रटनेसे नहीं होगा, वो स्वधर्म पालन व संस्कारोंसे होगा !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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