अप्रैल १, २०१९
छत्तीसगढके रामानुजगंजमें पुलिसने एक युवतीकी आत्महत्याका प्रकरण प्रविष्ट किया है एवं आरोपीको आत्महत्याके लिए प्रेरित करनेवाला बताया गया है; परंतु वास्तवमें यह हत्यासे भी जघन्य है । फिरदौस आलम नामके लडकेने ‘पीएससी’की पूर्वसिद्धता कर रही छात्राको पहले अपने जालमें फंसाया, तदोपरान्त उसके सामने सारे अंतरंग चित्र एक-एक करके फैलाने लगा ! लडकी विनती करती रही; परन्तु फिरदौस आलमकी पैशाचिक वृत्ति अल्प नहीं हुई । अन्तत: युवतीने फांसीपर झूलकर आत्महत्या कर ली !
आरोपी फिरदौस आलम नगरके ‘वार्ड क्रमांक-१३’का रहनेवाला है । वहीं, मृतक छात्रा २३ वर्षीय पूर्णिमा गुप्ता ‘वार्ड क्रमांक -१’की रहनेवाली थी । फिरदौसने छात्राके ‘व्हाट्सएप’पर एक आशुचित्र (स्क्रीनशॉट) भेजा, जिसे देखकर युवती सकपका गई । इसमें उसके आपत्तिजनक चित्र थे, जो प्रसारित कर दिए गए थे । छात्रा विनती करती रही कि भले मुझे मार डालो; परन्तु ऐसा मत करो; परन्तु फिरदौस निरन्तर चेतावनी देते हुए लिख रहा था, अब ये वाला डाल रहा हूं । अब सबमिट कर रहा हूं ।
छात्रा गिडगिडाती रही, मुझे बदनाम मत करो, चाहो तो
मार डालो । छात्राने यह तक कहा, जो करना है करो; परन्तु मुझे अपमानित मत करो; परन्तु धर्मान्ध नहीं मान रहा था तो दोपहर १२.४६ बजे उसे अन्तिम सन्देश भेजकर १२.४८ पर पूर्णिमा घरमें ही फंदा बनाकर लटक गई, जिसके पश्चात परिजन उसे उतारकर चिकित्सालय ले गए; परन्तु तबतक देर हो चुकी थी । घटनाके पश्चात रामानुजगंजमें शोक व आक्रोशका वातावरण है । आरोपीने अपने सन्देश मिटा दिए हैं । पूर्णिमा शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालयमें ‘एमएससी’की शिक्षा ग्रहण कर रही थी ।
“छात्रा प्रतिभाशाली थी; परन्तु धर्मान्धके तथाकथित प्रेममें फंसकर अपना जीवन नष्ट कर लिया । प्रकरण होनेके पश्चात क्षेत्रमें तनाव है और सभी आक्रोशित है, उससे पूर्व ही धर्म जागरण व लवजिहादके विषयमें जनजागृति क्यों नहीं प्रसारित की गई । धर्मान्धने तो मौलवियोंके आदेशानुसार हिन्दू युवतीका जीवन नष्ट कर दिया; परन्तु इनके पैशाचिक जालमें कोई और हिन्दू युवती न आए, इसके लिए सभी हिन्दू एकत्र होकर आगे आए और जनजागृति करें और हिन्दू युवतियोंका जीवन नष्ट न हो और यह आत्महत्याके लिए भडकानेका प्रकरण नहीं है, यह तो धर्मान्ध आलमद्वारा किया वह कृत्य है, जो हत्यासे भी बडा अपराध है । सभी हिन्दुत्वनिष्ठ सुनिश्चित करें कि आरोपीको न्यायोचित दण्ड अवश्य मिलें और इसके पश्चात कोई धर्मान्ध इसप्रकार जिहाद न कर पाएं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : भोपाल समाचार
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