अप्रैल २१, २०१९
श्रीलंकामें ईसाईयोंके त्यौहार ईस्टरपर आतंकी आक्रमण हुए, जिसमें अबतक २ आतंकियोंके नाम भी सामने आए हैं, जिसमेंसे एकका नाम जहरान हासिम है और दूसरेका अबू मोहम्मद है; परन्तु भारतके तथाकथित धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी आतंकियोंके बचावमें आ गए और निर्दोष समाजको ही आतंकी बतानेका खेल आरम्भ कर दिया ।
कविता कृष्णन नामकी वामपंथीने इस्लामिक आतंकियोंके कुकृत्योंको बुद्धोंपर थोप दिया !
श्रीलंकामें बुद्ध बहुसंख्यक हैं, कविता कृष्णनने कहा कि यह आक्रमण बहुसंख्यकोंने (बुद्धों) अल्पसंख्यकोंपर (ईसाईयों) किया है ।
Terror attack on church at #Easter in Sri Lanka.
Yes – Majoritarian terror against religious minorities. Just like the terror attack in Christchurch. Just like the Malegaon, Mecca Masjid blasts done by Pragya & Co. https://t.co/3pfqXPLjVb— Kavita Krishnan (@kavita_krishnan) April 21, 2019
साथ ही कविता कृष्णनने साध्वी प्रज्ञाको भी आतंकी बतानेका प्रयास किया, जबकि उनके विरुद्घ १ भी साक्ष्य नहीं है !!
“वामपन्थियों और धर्मनिरपेक्षोंके पागलपनके कारण ही आज सभी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष भोग रहे हैं । भारतमें तो ये अपनी वास्तविकताका बोध प्रायः करवाते रहते हैं; परन्तु श्रीलंकापर जहां इन्हें कमसे कम मौन रखना चाहिए था, वहां भी विष घोलनेका कार्य कर रहे हैं । इन्हें प्रत्येक आतंकी घटना अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक लगती है; क्योंकि इनके अनुसार आतंकियोंका कोई धर्म नहीं है ! ऐसे लोगोंको सभीने मुखर होकर उत्तर देना चाहिए और विरोध करना चाहिए ताकि इनका काला सत्य सबके समक्ष उजागर हो सके !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : डीबीएन
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