मई ३, २०१९
राजस्थानके जोधपुरमें महिलाके साथ दुष्कर्म करने और उसके पुत्र-पुत्रीका धर्म परिवर्तन करवानेका प्रकरण सामने आया है । जोधपुरके पाल बस्तीमें रहनेवाली पीडित महिलाने इस सम्बन्धमें बोरानाडा थानेमें परिवाद दी है । महिलाका आरोप है कि विवाहित व्यक्तिने उसके पुत्रका खतना भी करवाया और उसकी नाबालिग पुत्रीसे वह छेडछाड करता है । यह क्रम गत चार पांच वर्षोंसे चला आ रहा है ।
बोरानाडा थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह राजपुरोहितने बताया कि पाल बस्तीकी रहनेवाली महिलाकी परिवादके पश्चात पुलिसने दिनमें पीडिताका परीक्षण करवाया और उसके वक्तव्य भी लिए हैं । पुलिसने पुत्र-पुत्रीकी भी जांच करवाकर नामजद आरोपीके विरुद्घ जांच आरम्भ कर दी है । पुलिसके अनुसार, पीडिताका पति नहीं है । वह २०१४ में बाडमेर जनपदके पचपदरा नगर स्थित सिमरखिया निवासी फतेह खांके सम्पर्कमें आई थी । तबसे अबतक उसने कई बार पीडिताके साथ दुष्कर्म किया । आरोपीने उसके १२ वर्षीय पुत्रका खतना करवानेके साथ १५ वर्षीय पुत्रुसे छेडछाड की ।
पीडिताका आरोप है कि एक दिन उसके परिवारके लोग मिलने आए, तब साथवाली बच्चीसे भी छेडछाड की । फतेह खांने उसके बच्चोंका धर्म परिवर्तन तक करवा दिया । निरतर मिली चेतावनियोंसे उद्विग्न होकर वह बोरानाडा थाना पहुंची और प्रकरण प्रविष्ट करवाया ।
“धर्मान्ध प्रायः जिहाद हेतु हिन्दू युवतियों, विवाहित स्त्रियों एवं विधवा स्त्रियोंको ढूंढते हैं, तदोपरान्त नियोजित ढंगसे फंसाकर उसका जीवन नष्ट करते हैं । स्त्रियोंने भी सतर्क रहनेकी आवश्यकता होती है; परन्तु आजकी पीढियोंमें संस्कार तो जैसे नष्ट ही हो चुके हैं; अन्यथा महिला धर्मान्धसे निकटता क्यों बढाती ? और उसके उपरान्त न केवल स्वयंका वरन अपने बच्चोंका जीवन भी नष्ट कर दिया; इसलिए यदि हम जिहादको नष्ट करना चाहते हैं तो लोप हो चुके धर्म व संस्कारोंका पुनरुत्थान करना ही होगा; क्योंकि धर्मज्ञ स्त्रियां शक्तिका स्वरुप ही होती हैं और धर्मान्ध उनकी ओर देखनेका साहसतक नहीं कर सकते हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जागरण
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