मई ७, २०१९
लोकसभा चुनावके पांचवें चरणके मतदानके मध्य सोमवार, ६ मईको बिहारके मुजफ्फरपुरके एक विश्रामालयसे (होटलसे) दो बैलेटिंग यूनिट, एक कंट्रोल यूनिट और दो ‘वीवीपैट’ मशीनें मिली हैं !!! मुजफ्फरपुरमें ६ मईको मतदान हुआ था । इस प्रकरणमें जिला न्यायाधीश आलोक रंजन घोषने कहा कि विश्रामालयसे प्राप्त मशीनें आरक्षित मशीनें थीं, जिन्हें किसी भी खराब मशीनोंको परिवर्तनकी आवश्यकता होनेपर प्रयोग किया जाना था ।
आलोक रंजन घोषने समाचार विभाग ‘एएनआई’को बताया, “सेक्टर अधिकारीको कुछ आरक्षित मशीनें दी गई थीं, जिससे किसी मशीनके खराब होनेकी स्थितिमें उनसे परिवर्तित किया जा सके । ईवीएम मशीनोंको परिवर्तित करनेके पश्चात अधिकारी २ बैलेटिंग यूनिट, १ कंट्रोल यूनिट और २ वीवीपीएटीके साथ अपने वाहनमें निकल गया था ।” उन्हें विश्रामालयमें उन मशीनोंको नहीं ले जाना चाहिए था, जो नियमोंके विरुद्ध हैं । चूंकि उन्होंने नियमोंका उल्लंघन किया है; इसलिए विभागीय जांच की जाएगी ।
“५ वर्षोंमें प्रचार-प्रसारपर अरबों रूपये व्यर्थ करनेके पश्चात जनताको मूढ बनाते हुए विश्रामालयमें रखी ये मतदानकी मशीनें भ्रष्ट लोकतान्त्रिक व्यवस्थाकी सत्यताको उजागर कर रही है और यह प्रथम बार नहीं हुआ है । प्रत्येक बार ऐसे अनेकानेक समचार आते हैं । जनताको भ्रमित करते हुए नेता ऐसे कृत्य करते हैं तो इस मतदानका क्या अर्थ है ? क्यों लोग पंक्तिमें खडे होकर समय व्यर्थ करते हैं ? इस भ्रष्ट लोकतान्त्रिक व्यवस्थाको परिवर्तित करनेके लिए अब हिन्दू राष्ट्रकी ही आवश्यकता है, जिसमें योग्य नेताओंको योग्य ढंगसे ही लाया जाएगा, जिसके पश्चात जनताको उस नेताको झेलना नहीं होगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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