श्रीगुरु उवाच
भारतमें अन्य कुछ आयात करनेकी अपेक्षा राष्ट्रप्रेमी तथा धर्मप्रेमी नेता आयात करो । उसके पश्चात कुछ भी आयात नहीं करना होगा । भारत पुनः विश्वगुरु होगा एवं अपना प्राचीन वैभव प्राप्त करेगा । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था
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