साधकों, इस नवरात्र कोरोनासे सबके रक्षण हेतु दुर्गा तत्त्वके शरण जाएं !
कलसे हिन्दू नव वर्ष आरम्भ होनेके साथ ही चैत्र नवरात्र आरम्भ हो रहा है; जगत जननी मोक्षदयिनी मां दुर्गा रोगहारिणी भी हैं; इसलिए सभी लोग कल प्रातः अपने घरको स्वच्छ कर, उसकी वास्तु शुद्धि करें | स्नान इत्यादि कर , घरको आम्रपल्ल्व यदि उपलब्ध हो तो उससे घरको सजाएं एवं प्रथम धर्मध्वज अपने प्रांगणमें लगाएं | यह कैसे करना है इस हेतु इस लिंकपर जाएं ……
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यह करनेके पश्चात एक आसनपर मां दुर्गाकी प्रतिमा या चित्र रखकर उनका पंचोपचार पूजन करें एवं साथ ही यदि घी उपलब्ध हो जाए तो नौ दिवस अखंड ज्योत जलाएं, अन्यथा प्रातः एवं संध्या समय दीपक जलाएं | देशी गायका घी न मिलनेपर तिलके तेलका दीपक जलाएं ! सवेरे एवं संध्या समय शंख फूंकनेके पश्चात देवीकी आरती करें तथा इस लिंकपर जाकर दुर्गा सप्तसती अपने घरमें ऊंचे स्वरमें लगाएं……..
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ध्यान रहें यह सम्पूर्ण चंडी पाठ है, उसे पूरा चलायें ! यदि प्रातः छसे आठ बजे बजेतक ब्रह्मध्वज पूजन एवं मां दुर्गाकी भी पूजा-आरती हो जाए तो अति उत्तम होगा उसके पश्चात यह पाठ लगा दें और साथ ही प्रतिदिन रंगोली बनायें एवं कोरोनासे बचने हेतु जो मंत्र नीचे दिया गया उसे करें ! यदि संभव हो तो इसके साथ ही अपना व्यष्टि मंत्र भी एक घंटे जपें अर्थात दुर्गा तत्त्वको अपने घर एवं आस-पासके परिसरमें क्रियाशील करें ! अखंड ज्योत न बुझे इसपर ध्यान दें ! अखंड दीप हेतु पहले रंगोली बना लें !
आपको तो ज्ञात ही है कि कोरोना वायरसके आतंककी व्यापकता एवं तीव्रता बढती जा रही है ! ऐसेमें नवरात्रके प्रत्येक दिवस एवं उसके पश्चात भी जब तक यह संकट व्याप्त रहेगा, नियमित एक घण्टे बैठकर सनातन संस्थाद्वारा बताए इन तीन देवतातत्त्वोंके अनुपातके अनुसार निम्नलिखित जप करें, ध्यान रहे यह सम्पूर्ण जप श्रृंखला एक ही जप है इसप्रकार उसे करें –
श्री दुर्गादेव्यै नमः – श्री दुर्गादेव्यै नमः – श्री दुर्गादेव्यै नमः – श्री गुरुदेव दत्त – श्री दुर्गादेव्यै नमः – श्री दुर्गादेव्यै नमः – श्री दुर्गादेव्यै नमः – ॐ नमः शिवाय ।
यह नामजप सरलतासे ध्यानमें रहे, इस हेतु निम्नलिखित पद्धतिसे विभाजन किया जा सकता है –
‘श्री दुर्गादेव्यै नमः – ३ बार’, ‘श्री गुरुदेव दत्त – १ बार’, ‘श्री दुर्गादेव्यै नमः – ३ बार’ और ‘ॐ नमः शिवाय – १ बार’ ।
यह नामजप १०८ बार (१ माला) करना है । जिनमें कोरोना विषाणुआेंके संसर्गके कुछ लक्षण दिखाई दें, वे यह नामजप प्रतिदिन ३ घंटे (६ मालाएं) करें !
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