उत्तिष्ठ कौन्तेय
महाराष्ट्रके नान्देडमें साधुओंकी निर्मम हत्या
महाराष्ट्रके पालघर प्रकरणके पश्चात अब नान्देड जनपदमें लिङ्गायत समाजके साधुओंकी निर्मम हत्याका प्रकरण उजागर हुआ है । मृतक साधुका नाम रूद्र पशुपति महाराज व उनके सहयोगीका नाम भगवान राम शिंदे है । हत्याका मुख्य आरोपी साईनाथ राम बताया जा रहा है, जो द्वारसे आश्रममें प्रवेश हुआ था तथा हत्या करनेके उपरान्त शवोंको चारपहिया वाहनसे ले जाने लगा; परन्तु वाहन मुख्य द्वारमें फंस गया व उसी मध्य आश्रमके दो सेवक भी जाग गए और आरोपीको पकडने हेतु दौडे; परन्तु वह भाग निकला ।
उद्धव शासनके आते ही साधुओंकी हत्या आरम्भ होना मात्र एक संयोग तो नहीं हो सकता है, अवश्य ही साधुओंकी वैरी मिशनरियां व जिहादी हिन्दुओंको समाप्त करनेके लिए उन्हें जागरूक करनेवाले साधुओंको मारना चाह रहे हैं और ऐसेमें अब सभी हिन्दुओंको और स्वयं शिव सैनिकोंको भी उद्धव शासनके विरुद्ध खडे होकर महाराष्ट्रकी पुण्यभूमिको साधुओंके रक्तसे रञ्जित होनेसे रोकना होगा ।
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देहली शासनने सिक्किमको बताया पृथक देश
देहली शासनने भारतके सिक्किम राज्यको पृथक देश बताया है । केजरीवाल शासनने समाचार पत्रमें ‘सिविल डिफेंस कोर’में स्वयंसेवकके रूपमें नियुक्तिके लिए विज्ञापन प्रकाशित करवाया है, जिसमें उसने लिखवाया है, ‘भारतका नागरिक हो या भूटान, नेपाल या सिक्किमकी प्रजा हो !’ अर्थात वह सिक्किमको भूटान, नेपालके साथ-साथ सिक्किमको भी एक देश बता रहा है, जबकि सिक्किम भारतका राज्य है । इसपर सिक्किमके मुख्यमन्त्रीने पत्र लिखकर इसे भारतके संविधान और सिक्किमके नागरिकोंका अपमान बताया तथा केजरीवाल शासनसे क्षमा मांगनेको कहा है । इसपर मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवालने इस विज्ञापनको ‘वापस’ लेते हुए सम्बन्धित अधिकारीको निलम्बितकर दिया है ।
देहली शासन एक विज्ञापन निकलवा रहा है और एक अधिकारी स्वतः सिक्किमको पृथक देश कैसे बता सकता है और मुख्यमन्त्री रहते भी केजरीवाल इस तथ्यसे अनभिज्ञ कैसे रह सकते हैं ? यह सन्देहास्पद है । केन्द्र शासन त्वरित इस विषयमें संज्ञान लेकर कार्यवाही करे !
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मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथको ‘बम’से उडा देनेकी धमकी देनेवाला जिहादी कामरान मुम्बईमें बन्दी बनाया गया
उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगीजीको बमसे मार डालनेकी धमकी देनेवाले जिहादी कामरानको पुलिसने बन्दी बना लिया है । इस पच्चीस वर्षीय कामरानने अपने चलभाषद्वारा योगीजीको उडा देनेवाली धमकीको स्वीकार भी कर लिया है । कामरान मुम्बईके नल बाजारका रहनेवाला है और वहांसे वह चूना-भट्टीमें स्थानान्तरित हो गया था । वह जावेरी बाजारमें सुरक्षाकर्मीका कार्य भी कर चुका है; किन्तु एक शल्यक्रियाके पश्चात उसने कोई भी कार्य नहीं किया । वह स्वयं मादक पदार्थोंका सेवन करनेवाला है । धमकी भेजकर कामरानने अपना चलभाष बन्दकर दिया था; किन्तु कालान्तरमें जब उसने चलभाष पुनः चलाया तो पुलिस और ‘एंटी टेररिज्म स्क्वाड’ने गुप्तचर विभागकी सहायतासे उसे ढूंढ लिया और बन्दी बना लिया ।
जिहादियोंको बाल्यकालसे ही हिन्दू द्वेष सिखाया जाता है, यह सब उसीका परिणाम है और यदि भारत शासन इस विषयमें कुछ करना चाहता है तो मदरसों और मस्जिदोंको बन्द करके ही किया जा सकता है, अन्य कोई समाधान नहीं है ।
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‘इस्लामोफोबिया’वाले वक्तव्यपर मालदीवने दिया पाकिस्तानको कडा उत्तर
‘ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन’की ‘वर्चुअल’ बैठकमें पाकिस्तानने भारतपर ‘इस्लामोफोबिया’ होनेके आरोपोंका मालदीवने प्रखर उत्तर दिया है । संयुक्त राष्ट्रमें मालदीवकी स्थायी प्रतिनिधि थिलमीजा हुसैनने कहा कि भारतपर सन्दर्भमें ‘इस्लामोबिया’का आरोप लगाना तथ्यात्मक रुपसे अनुचित होगा । सामाजिक जालस्थलोंपर कुछ लोगों व समूहोंके कहनेपर उसे १३० कोटि लोगोंकी बात नहीं माननी चाहिए । उन्होंने कहा कि भारत विश्वका सबसे बडा लोकतन्त्र और बहु-सांस्कृतिक समाज है ।
उल्लेखनीय है कि गत दिवसोंमें पाकिस्तानके अनेक सामाजिक जालस्थल खातोंसे भारतमें मुसलमानोंके लिए ‘कोई स्थान नहीं’ होनेकी बातका दुष्प्रचार किया गया तथा पाकिस्तानने भारतमें ‘इस्लामोफोबिया’ बढनेकी बात भी कही है । इसके अतिरिक्त ‘कोरोना’ महामारीमें मालदीवके सात नागरिकोंकी भी सहायता करने तथा मालदीवको चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करानेके लिए भारतके प्रति आभार प्रकट किया ।
पाकिस्तान अपने दुष्प्रचारसे भारतकी छविको कितना भी धूमिल करनेका प्रयास करें; परन्तु सत्य तो सबके समक्ष ही है और यदि पाकिस्तानको इतनी ही चिन्ता है तो वह मुसलमानोंको विशेषतः, जिन्हें भारतमें समस्या है, उन्हें पाकिस्तानमें आमन्त्रित करे, इससे उनकी चिन्ताका अन्त होगा और सम्भवतः भारतकी भी !
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पुलवामामें ‘नायब तहसीलदार’ नजीर अहमद वानीके घरमें बने आतंकी स्थलको सेनाने किया ध्वस्त
जम्मू-कश्मीरके पुलवामा जनपदके अवन्तिपोरके निकट वायलू राजपोरा गांवमें आतङ्कियोंने अपना एक स्थान बना रखा था, जिसे पुलिसने सूचना प्राप्त होते ही ध्वस्तकर दिया । ‘सीआरपीएफ’ने सेनाके साथ मिलकर शुक्रवार, २२ मईकी रात्रि १० बजे समूचे परिसरको घेर लिया तथा शोध आरम्भ किया । शोधमें ज्ञात हुआ कि एक आपणिमें (दुकानमें) आतङ्कियोंने अपना स्थान बना रखा है, जो वहांके ‘तहसीलदार’ नजीर अहमद वानीकी थी । उल्लेखनीय है कि नजीर अहमद वानीका एक भाई आतङ्की था, जिसे १९९६ में सुरक्षाबलोंने मार दिया था ।
नजीर, उसका भाई व उसके सम्बन्धी सभी आतङ्की पाए गए हैं तो इससे स्पष्ट होता है कि आतङ्कीके सम्बन्धी उनके कुकृत्योंमें सम्मिलित होते ही हैं; परन्तु विडम्बना है कि ऐसे लोग ‘तहसीलदार’के पदपर हैं तो विचार किया जा सकता है कि स्थिति कितनी विकट है और मात्र एक हाथमें ‘कम्प्यूटर’ देनेसे कुछ नहीं होगा !
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केरलमें गृहबन्दीमें गिरिजाघरके भीतर विवाहित महिलाके साथ आपत्तिजनक स्थितिमें मिला पादरी
गृहबन्दीके मध्य सभी धार्मिक स्थल बन्द हैं; परन्तु केरलके इडुक्की जनपदमें कट्टप्पनाके वेल्लायमकुडीके एक कैथोलिक गिरिजाघरमें एक महिलाको प्रायः गिरिजाघरके भीतर जाते देखकर आस-पासके लोगोंको सन्देह हुआ । शुक्रवारको महिलाके आनेके पश्चात कुछ लोगोंने गिरिजाघरमें प्रवेश किया तो भीतर पादरी जेम्स मंगलसीरीको महिलाके साथ नग्न अवस्थामें पाया । इसे लेकर गिरिजाघरमें कोलाहल हो गया और कुछ समय पश्चात महिलाके साथ नग्न अवस्थामें पादरीके लिए गए चित्र सामाजिक प्रसार माध्यमपर (सोशल मीडियापर) प्रसारित हो गए, जिससे स्थानीय पुलिस भी प्रकरणकी जांचमे लग गई । जानकारीके अनुसार महिला विवाहित है तथा दो बच्चोंकी मां है । स्थानीय लोगोंका आरोप है कि पादरीके आसपास रहनेवाली कई महिलाओंके साथ भी अनैतिक सम्बन्ध हैं ।
धर्मान्तरणके कार्योंमें लगे ये गिरिजाघर अब अनैतिक कार्योंके केन्द्र बन चुके हैं, जहांसे आए दिन इस प्रकारके समाचार आते रहते हैं; किन्तु हिन्दू विरोधी ‘मीडिया’द्वारा इनके अपराधोंको छुपानेका भरसक प्रयास किया जाता है । ऐसे पादरी लोगोंको क्या सिखाते होंगे ?, यह इस घटनासे ही स्पष्ट हो रहा है । अब धर्मके नामपर ऐसा प्रपञ्च करनेवाले लोगोंको भारतसे निकालनेका समय आ गया है; अतः हिन्दू एकजुट हों ! (२३.०५.२०)
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मुम्बईमें ईदपर सहस्रोंकी संख्यामें सामग्री क्रय करने निकले मुसलमान
मुम्बईमें रविवार, २४ मईको ईदके कारण सामाजिक दूरीका (सोशल डिस्टेनिंगका) जिहादियोंद्वारा पालन नहीं किया गया और गृहबन्दीका उल्लङ्घन किया गया । इसी प्रकार भिंडी बाजारमें भी यही दृश्य देखनेको मिला । ‘एबीपी न्यूज’के समाचारके अनुसार, भिंडी बाजारमें जिहादियोंने ‘सोशल डिस्टैन्सिंग’का पालन करनेसे मनाकर दिया । पुलिसके उपस्थित रहते भी लोग वस्तुएं क्रय-विक्रय करते रहे । ‘इण्डिया टीवी’के पत्रकार सुशांत सिन्हाने बताया कि जब भिंडी बाजारमें लोगोंको गृहबन्दीका पालन करनेका परामर्श दिया जा रहा था तो उन्होंने कहा कि वर्षमें एक बार तो ईदका त्योहार आता है, क्या वो ये भी न करें ?
वस्तुतः ऐसी स्थितिमें शासनने अपने कर्तव्योंका पालन करते हुए दण्ड देकर भी नियम पालन करवाना चाहिए; परन्तु सम्भवतः पुलिस व प्रशासनका दण्ड (डण्डा) सम्भवतः केवल हिन्दुओंके लिए ही है । उद्धव ठाकरे व कांग्रेसी मानसिकताके देशद्रोही नेताओंका तुष्टीकरण इस देशकी, इस महामारीसे अनुमानसे भी अधिक हानि करेगा, यह स्पष्ट दिख रहा है ! हिन्दुओ, ऐसे नेताओंसे आगेसे सतर्क रहें !
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‘वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड’ अब मनाएगा ईद
जम्मूके माता वैष्णो देवी मन्दिरका सञ्चालन करनेवाले ‘श्राइन बोर्ड’ने अभी आशीर्वाद भवनमें ‘क्वारंटीन’ किए गए मुसलमानोंको ‘इफ्तार’ दी थी, अब समितिने ईदके अवसरपर मुसलमानोंके लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं । सूचनाके अनुसार ‘श्राइन बोर्ड’ने यह पूर्वसिद्धता की है कि ईदके दिवस मुसलमानोंके लिए चना-पूडी और हलवा परोसनेकी व्यवस्था की जाएगी !
धर्मनिष्ठ हिन्दुओ, देशके इन बडे वैभवशाली मन्दिरोंका शासकीयकरणकर हिन्दुओंको तथाकथित धर्मनिरपेक्षताका पाठ पढानेका कुचक्र रचा जा आरहा है । जब मन्दिरमें दिया धन हिन्दुओंका है; तो समिति यह निर्णय हिन्दुओंसे बिना पूछे क्यों ले रही है ? क्या उन मुसलमानोंको और कहीं स्थानान्तरित नहीं किया जा सकता है ? हिन्दुओ, राज्यकर्ताओंकी निकृष्ट मानसिकताको समझें और समय रहते जागें और अन्योंको भी जगाएं ! – चैतन्य बंसल
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