कर्नाटकके हसनमें गोहत्या करनेवाले पशुवधगृहका उजागर करनेवाली महिला पत्रकारपर जिहादियोंने किया आक्रमण


०६ दिसम्बर, २०२०

कर्नाटकमें हसन जनपदके पेंशन ‘मोहल्ले’में अवैध रूपसे गोहत्या करनेवाले गुटको उजागर करनेवाली एक महिला पत्रकारपर एक जिहादियोंने आक्रमण कर दिया । गुटमें सम्मिलित ‘बुर्का’ पहनी महिलाओंने पत्रकारके साथ दुर्व्यवहार किया, साथ’ही उनके प्राण लेनेकी धमकी भी दी ।
‘विजया टाइम्स’की प्रधान सम्पादक और वरिष्ठ पत्रकार विजयलक्ष्मी शिबरूरको नगरमें अनुचित रूपसे गौ हत्या करनेवाले मुसलमानोंके विषयमें जानकारी मिली थी, जिसकी जांचके लिए वे और उनका दल हसन जनपदके उस क्षेत्रमें ‘रिपोर्टिंग’ करने पहुंचे । जांचके मध्य महिला पत्रकारने बताया कि गोहत्यापर प्रतिबन्धके पश्चात भी नगरमें ये अवैध पशुवधगृह किस प्रकार सञ्चालित होते हैं ।
महिला पत्रकारने ‘एनजीओ’ और पुलिस अधिकारियोंके साथ नगरमें चार अवैध पशुवधगृहों और पांच मवेशी ‘होर्डिंग्स’ स्थानोंकी जांच की । वहीं जैसे ही उन्होंने मवेशियोंको बचानेके लिए इन अवैध पशुवधगृहमेंसे एकमें प्रवेश करनेका प्रयास किया, उसी मध्य एक क्रोधित जनसमूह, जिसमें ‘बुर्का’ पहने महिलाएं सम्मिलित थीं, उन्होंने पत्रकारको चारों ओरसे घेरते हुए उन्हें ‘रिपोर्टिंग’ करनेसे रोक दिया ।
जनसमूहने न केवल पत्रकारके साथ दुर्व्यवहार किया; वरन उसके साथ छेडछाड भी की, साथ ही वहांसे नहीं निकलनेपर उसे गम्भीर परिणाम भुगतनेकी चेतावनी भी दी ।
यहां उपलब्ध ‘वीडियो’में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार क्रोधित जिहादी समूहद्वारा महिला पत्रकारपर आक्रमण करनेका प्रयास किया जा रहा है । पुलिस अधिकारियोंकी उपस्थितिके उपरान्त भी ‘बुर्का’ पहनी महिलाओंने पत्रकारपर आक्रमण किया । वहीं सम्पूर्ण घटनाके मध्य असहाय पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने रहे ।
वहीं घटनाक्रमके मध्य अनुचित प्रकारसे मवेशी तस्करने अन्य मवेशियोंको छिपा दिया, जिस कारण ‘एनजीओ’ केवल कुछ पशुओंको बचानेमें सफल रही । कथित रूपसे हसन बाबू और रहमानद्वारा क्षेत्रमें चार अवैध पशुवध गृह सञ्चालित किया जा रहा था । जिन्होंने लगभग १०० मवेशियोंको बन्धक बनाया हुआ था । वहीं घटनाके पश्चात एक स्थानीय पुलिस ‘स्टेशन’में इस प्रकरणको लेकर एक प्राथमिकी प्रविष्ट की गई है ।

        कर्नाटक राज्यकी भांति अभी भी देशके अन्य नगरोंमें वर्तमानमें जिहादी समूहद्वारा अनेक अवैध पशुवधगृह सञ्चालित हो रहे हैं, जिसपर शासन अभी भी पूर्ण रूपेण प्रतिबन्ध नहीं लगा पाया है । जिहादी महिलाएं भी इन कार्योंमें संलिप्त हैं और कोई इनका विरोध करे तो उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं; अतः ऐसे लोग समाजमें रहने योग्य नहीं हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया



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