तमिलनाडुके विपक्षके मन्त्रीकी उपस्थितिमें महिला उपदेशकने हिन्दू धर्मका किया अपमान
२३ दिसम्बर, २०२०
तमिलनाडुमें महिला उपदेशक क्लैरसी नटराजनने हिन्दू धर्मको केवल एक शताब्दी पुरातन बताया । विपक्ष दल ‘डीएमके’के अध्यक्ष करुणानिधि स्टालिन वहांपर मौन बैठे रहे । इसपर भाजपा दलने विपत्ति प्रकट की है, जब नटराजनने कहा कि सब शैव हैं और हम सभी तमिल हैं ।
करुणानिधि स्टालिनने कहा कि प्रधामन्त्री केवल धनवानोंके साथी हैं और अपने आपको निर्धन परिवारसे बताते रहते हैं । ‘बिशप एर्जा सर्गुणम’ने यह अनुचित वक्तव्य किया कि मोदी जो कहते हैं, सदा विपरीत ही करते हैं ।
‘स्टालिन’ने भाजपापर आरोप लगाया कि वे ‘डीएमके’के विरुद्ध सदा हिन्दुत्वका प्रयोग ही करते हैं और धर्मको अपना शस्त्र बनाकर जनताको विभाजित करते हैं । धर्मकी रक्षाके लिए अवतार होनेका मिथ्याभिमान करनेवाले आज बहुत लोग उत्पन्न हो गए हैं ।
‘स्टालिन’ने कहा कि उनके दलने धर्मके लिए बहुत कुछ किया है । उनके ६७ के शासनकालमें पांच सहस्र मन्दिरोंका जीर्णोद्धार किया गया था । उसने तमिलको पुरातन सभ्यता बताया जोकि विभाजित नहीं होंगे । वहां क्या चल रहा है ?, यह भाजपाके गृहमन्त्री नहीं जानते; किन्तु भाजपाके आनेसे वहां उद्विग्नता उत्पन्न हो गई है । ‘एनडीए’के सहयोगी दल ‘एआईएएमडीके’ दलने भाजपाको मन्दिर यात्रा निकालनेकी अनुमति नहीं दी थी ।
अंग्रेजोंकी चाकरी करनेवाले अबतक यह भी भूल चूके हैं कि वे तमिल होते हुए भी हिन्दू ही हैं । हिन्दू धर्म यदि एक शताब्दी पुरातन है, तो क्या तमिल हिन्दू न होकर मुसलमान थे, उन्हें यह भी ज्ञात नहीं । ऐसे निधर्मियोंको दण्डित करना चाहिए व सभीने इनका मुखर होकर विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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