वामपन्थी सङ्गठनोंने विरोध प्रदर्शनमें भाग लेनेके लिए किसानोंको सिख धर्म और गुरु गोविन्द सिंहके नामपर भडकाया
३१ दिसम्बर, २०२०
समाचार ‘चैनल’ ‘इण्डिया टीवी’पर प्रसारित एक ब्यौरेमें कहा गया है कि देहलीकी सीमापर चल रहे किसानोंका विरोध एक स्वत: आन्दोलन नहीं, वरन केन्द्र शासनके विरुद्ध वामपन्थी सङ्गठनों द्वारा सावधानीपूर्वक रचा गया षड्यन्त्र है ।
अपने ‘प्राइम टाइम शो’ ‘आजकी बात’में वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्माने वामपन्थी झुकाववाले सङ्गठनोंद्वारा किए गए उन अपराधी मानसिकताओं और विस्तृत योजनाओंसे अवगत कराया, जिसमें उन्होंने किसानोंको मोदी शासनके विरुद्ध विरोध प्रदर्शन आरम्भ करनेके लिए भडकाया था ।
संगरूरके एक किसान विजेन्द्र सिंहने बताया कि किस प्रकारसे वामपन्थी सङ्गठन विरोध प्रदर्शनोंमें सम्मिलित होनेके लिए अपने गांवोंमें किसानोंको मूर्ख बनाया । उन्होंने कहा कि जब लोगोंने नूतन कृषि विधेयकोंके विषयमें फैलाए गए असत्यको नहीं स्वीकारा, तो वामपन्थियोंने सिख धर्म और गुरु गोविन्द सिंहका बोलकर उन्हें विरोध प्रदर्शनमें सम्मिलित करनेका प्रयास किया ।
यदि कोई राष्ट्रद्रोही आन्दोलनमें भाग लेनेके लिए गुरुओं व धर्मका आश्रय लेता है और सामनेवाले भी भडक जाते हैं, तो समझना चाहिए कि कहीं न कहीं हम धर्मगुरु भी उनकी कुटिल चाल समझ नहीं रहे हैं और साथ ही यह समझना चाहिए कि देशद्रोही जानते हैं कि धर्मगुरुका समर्थन मिलनेपर उनके अनुयायीका स्वतः ही समर्थन प्राप्त होगा । किन्तु सिख बन्धु भी ऐसे षड्यन्त्रोंमें फंसते रहेंगे तो उपद्रवी जिहादियों और हममें भेद ही क्या रह जाएगा ? विचार करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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