पाकिस्तानमें जीर्णोद्धारके उपरान्त खुला १२६ वर्ष पुराना शिव मन्दिर: हिन्दू संगठनको सौंपा गया नियन्त्रण
३० जनवरी, २०२१
पाकिस्तानमें हिन्दुओं और हिन्दू मन्दिरोंपर हो रहे आक्रमणके मध्य सिंध प्रान्तमें स्थित हैदराबादमें १२६ वर्ष पुराने शिव मन्दिरको २९ जनवरी, २०२१, शुक्रवारको
पुनः खोले जानेकी जानकारी सामने आई है । कहा जा रहा कि मन्दिरका जीर्णोद्धारकर, इसके प्रशासनिक नियन्त्रणको एक स्थानीय हिन्दू संगठनको सौंपा गया है ।
इस्लामिक देशमें अल्पसंख्यकोंके धर्मस्थलोंकी देखरेख करनेवाले पाकिस्तानके ‘बेनामी सम्पत्ति ट्रस्ट बोर्ड’ने बताया कि हिन्दू मन्दिरोंपर हो रहे आक्रमणके मध्य उसने पाकिस्तानके अनेक मन्दिरोंका जीर्णोद्धार किया है ।
ज्ञातव्य है कि आए दिन वहां हिन्दू बेटियोंके अपहरण और बलात धर्म परिवर्तनके समाचार वहांसे सामने आते ही रहते हैं और मन्दिर तोडनेकी घटनाएं भी होती रहती हैं ।
करतारपुर साहिब गुरुद्वाराको दर्शनार्थ कुछ समय पहले खोला गया था उसका परिणाम हम देख ही चुके हैं । यदि सिंध प्रान्तमें यह कार्य किया गया है तो यह सराहनीय है; परन्तु पाकिस्तानपर अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिबन्ध लगे हुए हैं और उसकी वित्तीय स्थिति इस समय बहुत चिन्ताजनक है और वह चाहता है कि ये प्रतिबन्ध हट जाएं; इसीलिए वह कभी आतंकवादियोंपर कार्यवाहीका नाटक करता है तो कभी मन्दिरोंका जीर्णोद्धारका प्रतिवाद कर देता है ? अतः पाकिस्तानपर सूक्ष्मतासे दृष्टि रखी जाए कि कहीं वह इसकी आडमें कोई षड्यन्त्र तो नहीं कर रहा है ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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