देशके ४ राज्योंमें किसान नेता राजेश टिकैतकी है अपार सम्पत्ति
१४ फरवरी, २०२१
भारतीय किसान सङ्गठनका प्रवक्ता राकेश टिकैत एक धनी व्यक्ति है, जिसकी सम्पत्ति ४ राज्योंमें फैली हुई है । आज जबकि देशके १०० मेंसे ५२ किसानोंपर १४०००० रुपयेका ऋण है । वर्ष २०१९ में लगभग १०००० किसानोंने आत्महत्या की थी । लगभग ७६% किसान इस क्षेत्रको त्यागनेके इच्छुक हैं । मात्र १ प्रतिशत युवा इस क्षेत्रमें कार्य करनेके इच्छुक हैं । ऐसेमें राकेश टिकैतकी सम्पत्ति साधारण किसानोंकी अपेक्षा बहुत अधिक है । उनकी सम्पत्ति ४ राज्यों उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, देहली तथा महाराष्ट्रमें मुजफ्फरनगर, ललितपुर, झांसी, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, बदायूं, देहली, नोएडा, गाजियाबाद, देहरादून, रुडकी, हरिद्वार तथा मुम्बईतक फैली हुई है । इनकी सम्पत्तिका कुल मूल्य लगभग ८० कोटि है । पिछले अनेक दिनोंसे जब किसान देहलीकी सीमापर प्रदर्शन कर रहे हैं, टिकैतका व्यापार अनवरत चल रहा है ।
उल्लेखनीय हैं कि टिकैतने पहले कृषि विधानका समर्थन किया था; बादमें अचानक अपने वक्तव्यसे पलट गए थे । नेता बननेसे पूर्व वे देहली पुलिसमें ‘कॉन्स्टेबल’के पदपर कार्यरत थे । इनकी पुत्री ज्योतिने ऑस्ट्रेलियामें किसान आन्दोलनके समर्थनमें निकाली गई ‘रैली’में भाग लिया था ।
किसान आन्दोलनके नामपर जो किसान आन्दोलनरत हैं, उन्हें कृषिविधान सम्बन्धमें असत्य बताकर आन्दोलन करवाया जा रहा है । इसमें किसानोंके साथ विपक्षी, देशद्रोही, खालिस्तानी, वामपन्थी और कांग्रेस जैसे पक्ष भी सम्मिलित हैं, जो किसानको समक्ष रहकर अपना हित ढूंढते राजनीति कर रहे हैं । राकेश टिकैत भी इनमेंसे ही एक है, जिन्हें निर्धन किसानोंकी चिन्ता नहीं है । ये सभी किसी न किसी स्वार्थके कारण आन्दोलनकर देशको अस्थिर करनेका दुष्कृत्य कर रहे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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